विदेश मंत्रालय ने ब्लैक सी में कमर्शियल जहाजों पर हाल में हुए हमलों की कड़ी निंदा की है। मंत्रालय ने कहा कि इन हमलों से कई भारतीय क्रू मेंबर खतरे में पड़ गए। भारत ने समुद्री टारगेटिंग को तुरंत रोकने की मांग की है। साथ ही रूस-यूक्रेन विवाद को खत्म करने के लिए दोनों पक्षों के साथ बातचीत जारी रखने की बात कही है।

ब्लैक सी में चार अलग-अलग घटनाओं का जिक्र

विदेश मंत्रालय के ऑफिशियल स्पोक्सपर्सन रणधीर जायसवाल ने हर दो हफ्ते में होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस में ब्लैक सी की समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। उन्होंने 48 घंटों में मर्चेंट जहाजों से जुड़ी चार अलग-अलग घटनाओं का जिक्र किया।

जायसवाल के मुताबिक, कमर्शियल जहाज MV रोयाड मम्मादोव पर हमले के समय उसमें तीन भारतीय नागरिक सवार थे। सभी सुरक्षित हैं, लेकिन एक भारतीय नागरिक घायल हुआ है और उसका इलाज चल रहा है।

उन्होंने कहा कि टोगो के झंडे वाले जहाज अल्फा वतन पर भी हमला हुआ। इसके क्रू का अभी पता नहीं चला है। वहीं, पलाऊ के झंडे वाले MV ABLE पर ड्रोन हमला हुआ। जहाज पर सवार सभी 18 क्रू मेंबर बचा लिए गए। इनमें सात भारतीय नागरिक शामिल थे। एक भारतीय घायल हुआ है और उसे मेडिकल मदद दी जा रही है।

अफ्रामैक्स रियो के 23 भारतीय नाविक सुरक्षित

लाइबेरिया के झंडे वाले तेल टैंकर अफ्रामैक्स रियो पर भी हमला हुआ। जायसवाल ने बताया कि इस जहाज पर सवार सभी 23 क्रू मेंबर भारतीय नागरिक थे और सभी को सुरक्षित बचा लिया गया।

विदेश मंत्रालय ने कमर्शियल शिपिंग को खतरे में डालने वाले हमलों की निंदा करते हुए समुद्री समुदाय की सुरक्षा पर चिंता जताई।

रूस और यूक्रेन से भारत की बातचीत जारी

भारत ने रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे विवाद को खत्म करने के लिए डिप्लोमैटिक कोशिशों को जारी रखने की बात कही है। रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत लगातार मानता रहा है कि बातचीत और डिप्लोमेसी ही आगे बढ़ने का रास्ता है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई मौकों पर लंबी मिलिट्री दुश्मनी की जगह जंग खत्म करने की जरूरत की बात कह चुके हैं। जायसवाल के मुताबिक, शांति लाने के इसी विचार के तहत भारत ने रूस और यूक्रेन दोनों से बातचीत की है।

शिपिंग, अनाज और एनर्जी एक्सपोर्ट पर फोकस

जायसवाल ने कहा कि भारत ब्लैक सी में शिपिंग की सुरक्षा को लेकर रूस और यूक्रेन दोनों के साथ बातचीत कर रहा है। इसके साथ ही अनाज और एनर्जी एक्सपोर्ट से जुड़ी तत्काल चिंताओं और हमला न होने की संभावनाओं पर भी दोनों पक्षों के साथ चर्चा जारी है।

उन्होंने कहा कि भारत जरूरी सप्लाई लाइनों को सुरक्षित करने, समुद्री व्यापार रास्तों की रक्षा करने और वैश्विक आर्थिक असर को कम करने की दिशा में मदद करने की कोशिश कर रहा है।

रूस-यूक्रेन संघर्ष के बीच बढ़ी समुद्री सुरक्षा की चिंता

2022 में रूस-यूक्रेन संघर्ष शुरू होने के बाद से ब्लैक सी के पार कमर्शियल समुद्री ट्रैफिक पर हमलों को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं। दोनों पक्षों की ओर से जहाजों और समुद्री इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाए जाने के आरोप लगते रहे हैं।

हाल के दिनों में मॉस्को ने EU सदस्य रोमानिया के पास यूक्रेनी कृषि उत्पाद ले जा रहे अनाज वाहकों पर हमले किए हैं। वहीं, कीव का कहना है कि रूसी पेट्रोलियम इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाना यूक्रेन के शहरी केंद्रों पर होने वाली हवाई बमबारी का जवाब है।

भारत की मध्यस्थता की कोशिशों का भी जिक्र

यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने कहा है कि भारत ने लड़ाई को सुलझाने में मदद के लिए आधिकारिक तौर पर कदम बढ़ाया है। उनके मुताबिक, कीव चार अलग-अलग इंटरनेशनल प्रपोज़ल की समीक्षा कर रहा है। इनमें तुर्की, मिस्र और अमेरिका के प्रस्ताव शामिल हैं।

वहीं, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लड़ाई खत्म करने की कोशिशों की तारीफ की है। पुतिन ने कहा कि भारतीय नेता के पास शांतिपूर्ण समाधान के लिए अच्छे विचार हैं।

Congress Protest : Delhi में कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन,सड़क पर लेट गई Priyanka Gandhi

शेयर करना
Exit mobile version