बदांयू : यूपी के बदांयू में उत्तर प्रदेश टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (UP-TET) के पहले दिन, BJP नेता के रोड शो के काफिले के गुज़रने के दौरान ट्रैफिक जाम की वजह से कई कैंडिडेट का एग्जाम छूट गया। कैंडिडेट्स का कहना है कि वे समय से पहले घर से निकले थे, लेकिन रोड शो की वजह से वे कई किलोमीटर लंबे ट्रैफिक जाम में फंस गए और समय पर एग्जाम सेंटर नहीं पहुंच सके। जिसकी वजह से उनकी परीक्षा छूट गई। अब सवाल यह है कि VIP प्रोग्राम में स्टूडेंट्स के भविष्य की जिम्मेदारी कौन लेगा?

जाने क्या है पूरा मामला ?

BJP के प्रदेश उपाध्यक्ष दुर्विजय सिंह शाक्य के बदायूं पहुंचने पर बरेली से बदायूं तक एक बड़ा रोड शो निकाला गया। रोड शो के दौरान हाईवे पर बड़ी संख्या में समर्थकों और गाड़ियों के होने की वजह से कई जगहों पर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। सड़क पर दूर-दूर तक गाड़ियों की कतारें लग गईं और हमारे लोगों के साथ-साथ एग्जाम देने जा रहे स्टूडेंट्स भी घंटों जाम में फंसे रहे। कई स्टूडेंट्स ने आरोप लगाया कि वे काफी समय से निकले थे, लेकिन ट्रैफिक सिस्टम पूरी तरह खराब होने की वजह से वे समय पर एग्जाम सेंटर नहीं पहुंच सके।

निष्पक्ष जांच की मांग

एक स्टूडेंट जाम में फंसा है कि एक साल की मेहनत पर पानी फिर गया। समय पर एग्जाम सेंटर न पहुंच पाने की वजह से उसे TET एग्जाम में बैठने का मौका नहीं मिला। स्टूडेंट्स ने एडमिनिस्ट्रेशन पर ट्रैफिक मैनेजमेंट में लापरवाही का आरोप लगाया है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। साथ ही, उन स्टूडेंट्स के हित में सही फैसला लिया जाना चाहिए जिनकी परीक्षा जाम की वजह से छूट गई है। फिलहाल, इस पूरे घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है।

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