उत्तर प्रदेश के दो प्रमुख शहरों लखनऊ और कानपुर के बीच की दूरी अब इतिहास बनने वाली है। 13 जुलाई 2026 से आम जनता के लिए 6-लेन वाला अत्याधुनिक एक्सप्रेस-वे खोल दिया जाएगा, जिसके बाद महज 35 से 45 मिनट में लोग एक शहर से दूसरे शहर पहुंच सकेंगे। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इस महत्वपूर्ण एक्सप्रेस-वे का संयुक्त रूप से लोकार्पण करेंगे। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के राज्यपाल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।

एक्सप्रेस-वे की प्रमुख विशेषताएं

63 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेस-वे पूरी तरह से सिग्नल-फ्री है, जिस पर वाहनों की अधिकतम गति सीमा 120 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की गई है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस पर 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। अमौसी से बनी के बीच दो एलिवेटेड सेक्शन, 3 बड़े पुल, 28 छोटे पुल, 38 अंडरपास और 6 फ्लाईओवर का निर्माण किया गया है। यह मार्ग लखनऊ के अमौसी से शुरू होकर उन्नाव के शुक्लागंज होते हुए कानपुर के आजाद चौक तक जाएगा, जो कानपुर रिंग रोड को भी सीधा जोड़ेगा।

निर्धारित टोल टैक्स दरें

एनएचएआई (NHAI) ने इस एक्सप्रेस-वे के लिए टोल दरें फाइनल कर दी हैं। कार, जीप और एसयूवी के लिए एक तरफ का टोल 275 रुपये, जबकि 24 घंटे में वापसी के लिए 415 रुपये देने होंगे। वहीं, हल्के कमर्शियल वाहनों के लिए यह दर 445 रुपये (एक तरफ) और भारी वाहनों के लिए 1020 रुपये तक रखी गई है। ध्यान रहे कि इस एक्सप्रेस-वे पर दोपहिया और तिपहिया वाहनों का चलना प्रतिबंधित रहेगा। नियमित यात्रियों के लिए 3,075 रुपये का सालाना पास उपलब्ध होगा, जिससे वे एक साल में 200 बार यात्रा कर सकेंगे।

12 वीं पास लोगों ने FBI अफसर बन किया Digital Arrest, 250 करोड़ की ठगी में बड़ा खुलासा

शेयर करना
Exit mobile version