Men’s Health Issues: आजकल पुरुषों में low sperm count की समस्या तेजी से बढ़ रही है. ज्यादातर लोग मानते हैं कि इसका मुख्य कारण सिर्फ सिगरेट या तंबाकू का सेवन करना है, लेकिन हकीकत इससे कहीं अलग है. कई स्वास्थ्य समस्याएं और रोजमर्रा की कुछ खराब आदतें भी पुरुषों के स्पर्म काउंट को बुरी तरह प्रभावित कर सकती हैं. अगर समय रहते इन आदतों और लक्षणों पर ध्यान न दिया जाए, तो आगे चलकर पिता बनने में बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. आइए जानते हैं कि इसके पीछे के मुख्य कारण क्या हैं और इससे कैसे बचा जा सकता है.
कब माना जाता है स्पर्म काउंट कम?
जब किसी पुरुष के वीर्य (Semen) में मौजूद स्पर्म की संख्या सामान्य से कम हो जाती है, तो मेडिकल भाषा में इसे ‘लो स्पर्म काउंट’ या oligospermia कहा जाता है. हेल्थ वेबसाइट मेयो क्लिनिक (Mayo Clinic) की एक रिपोर्ट के अनुसार, यदि एक मिलीलीटर वीर्य में 1.5 करोड़ (15 million) से कम स्पर्म पाए जाते हैं, तो इसे सामान्य से कम माना जाता है. वहीं, अगर वीर्य में स्पर्म की संख्या बिल्कुल शून्य हो जाए, तो इस स्थिति को azoospermia कहा जाता है. इन दोनों ही स्थितियों में प्राकृतिक रूप से गर्भधारण (Natural Pregnancy) की संभावना काफी कम हो जाती है.
इन संकेतों को न करें नजरअंदाज
कम स्पर्म काउंट का सबसे बड़ा और मुख्य संकेत यह है कि लंबे समय तक प्रयास करने के बाद भी पार्टनर गर्भधारण नहीं कर पाती है. वैसे तो कई मामलों में इसके अलावा कोई दूसरा स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देता, लेकिन कुछ पुरुषों में hormonal imbalance या अन्य स्वास्थ्य समस्याओं की वजह से कुछ खास लक्षण नजर आ सकते हैं, जैसे:
- यौन इच्छा में कमी आना
- इरेक्शन (Erection) में दिक्कत होना
- टेस्टिकल (अंडकोष) में दर्द, सूजन या किसी तरह की गांठ का महसूस होना
सिर्फ धूम्रपान नहीं, ये वजहें भी हैं जिम्मेदार
आमतौर पर लोग सिर्फ धूम्रपान को ही इसका कारण मानते हैं, लेकिन पुरुषों में male infertility के पीछे कई अन्य कारण भी हो सकते हैं. इनमें मोटापा, लगातार रहने वाला मानसिक तनाव, जरूरत से ज्यादा शराब पीना, नशीले पदार्थों का सेवन और हार्मोन का असंतुलन शामिल हैं.
इसके अलावा शरीर में कोई पुराना इंफेक्शन, varicocele (अंडकोष की नसों का सूज जाना) जैसी बीमारी, थायरॉयड की समस्या और कुछ दवाओं का लंबे समय तक इस्तेमाल करना भी पुरुषों की प्रजनन क्षमता पर बुरा असर डाल सकता है.
एक्सपर्ट की सलाह:
अगर कोई कपल एक साल तक बिना किसी गर्भनिरोधक (Contraceptive) के नियमित संबंध बना रहा है और फिर भी गर्भधारण नहीं हो पा रहा है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. इसके अलावा, जिन पुरुषों को पहले से टेस्टिकल, प्रोस्टेट या यौन स्वास्थ्य से जुड़ी कोई समस्या रही है, उन्हें जांच कराने में बिल्कुल भी देरी नहीं करनी चाहिए.
क्या इस समस्या को ठीक किया जा सकता है?
राहत की बात यह है कि हर मामले में लो स्पर्म काउंट का मतलब हमेशा के लिए बांझपन नहीं होता है. आज के समय में उचित दवाओं, लाइफस्टाइल में जरूरी बदलाव और आधुनिक फर्टिलिटी ट्रीटमेंट की मदद से गर्भधारण की संभावना को काफी हद तक बढ़ाया जा सकता है.
अगर पुरुष अपनी डेली रूटीन में सुधार करें जैसे कि संतुलित आहार लेना, नियमित व्यायाम करना, वजन को नियंत्रित रखना, तनाव कम करना और धूम्रपान व तंबाकू से पूरी तरह दूरी बनाना, तो इससे स्पर्म की गुणवत्ता (Sperm Quality) और संख्या दोनों को बेहतर बनाने में बड़ी मदद मिल सकती है.



