रामपुर: जौहर ट्रस्ट से जुड़े वित्तीय मामलों में आयकर विभाग ने कार्रवाई का अगला चरण शुरू कर दिया है। पूर्व मंत्री आजम खां और उनके स्वजनों के जौहर ट्रस्ट का पंजीकरण रद्द किए जाने के बाद अब विभाग ने करीब 450 करोड़ रुपये की अघोषित आय पर टैक्स, जुर्माना और ब्याज की वसूली की तैयारी शुरू कर दी है। यह राशि 500 करोड़ रुपये से अधिक होने की संभावना है। इसके लिए आयकर विभाग ने मुख्यालय से अनुमति मांगी है।

जांच में वित्तीय अनियमितताओं का दावा

आयकर विभाग की अब तक की जांच में जौहर ट्रस्ट से जुड़े वित्तीय मामलों में अनियमितताओं की बात सामने आने का दावा किया गया है। विभागीय जांच के अनुसार, ट्रस्ट ने कथित तौर पर फर्जी लोगों को ट्रस्टी बनाकर करोड़ों रुपये का चंदा एकत्र किया। इसके अलावा जौहर विश्वविद्यालय के भवनों के निर्माण में सरकारी धन के इस्तेमाल का मामला भी जांच के दायरे में है।

कई बार जारी किए गए नोटिस

इस मामले में आयकर विभाग की ओर से ट्रस्ट को कई बार नोटिस जारी कर पक्ष रखने का मौका दिया गया था। विभाग के अनुसार, ट्रस्ट के पदाधिकारी करोड़ों रुपये की आय के स्रोत की जानकारी नहीं दे सके। इसके बाद विभाग ने अघोषित राशि पर 30 प्रतिशत जुर्माने के साथ ब्याज की वसूली की तैयारी शुरू की है।

ED भी कर रहा है जांच

दूसरी ओर, प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी जौहर ट्रस्ट से जुड़े मामले की जांच कर रहा है। ईडी ने ट्रस्ट से जुड़े लोगों से पूछताछ की है और ट्रस्ट की चल-अचल संपत्तियों की भी पड़ताल की जा रही है। ईडी की जांच के दायरे में ट्रस्ट की वे इमारतें भी शामिल हैं, जिनके निर्माण में सरकारी विभागों से प्राप्त धन के इस्तेमाल का आरोप है।

सरकारी धन से बने भवनों पर भी कार्रवाई की तैयारी

सूत्रों के अनुसार, सरकारी धन के इस्तेमाल से बनाए गए भवनों को जब्त किया जा सकता है। जौहर ट्रस्ट से जुड़े वित्तीय लेनदेन और संपत्तियों की जांच आगे बढ़ने के साथ ही ट्रस्ट से जुड़े अन्य लोग और संस्थान भी आयकर विभाग और ईडी की जांच के दायरे में आ गए हैं।

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