केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी नेतृत्व वाले NDA के 21 राज्यों में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की बात कही है। इसके बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। मुरादाबाद में समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद डॉ. एसटी हसन ने UCC को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है।
‘कुरान और शरियत के मुताबिक चलेंगे’
डॉ. एसटी हसन ने कहा कि वह कुरान की रोशनी में बताए गए प्रावधानों को मानेंगे। उन्होंने कहा कि वे शरियत की मांग करेंगे और कुरान में जो हुक्म दिया गया है, उसी के मुताबिक चलेंगे।
पूर्व सांसद ने कहा कि अपने परिवार और बेटियों को कितना देना है, यह तय करने का अधिकार उन्हें होना चाहिए। उन्होंने UCC को लेकर चल रही राजनीति पर सवाल उठाते हुए इसे माहौल खराब करने वाली राजनीति बताया।
महंगाई और बेरोजगारी को लेकर सरकार पर निशाना
एसटी हसन ने आरोप लगाया कि सरकार को महंगाई, बेरोजगारी, किसानों और मध्यमवर्ग के मुद्दों पर काम करना चाहिए। उन्होंने यह भी दावा किया कि UCC को लेकर NDA के घटक दलों में भी सहमति नहीं है।
मस्जिदों को निशाना बनाने का लगाया आरोप
एसटी हसन ने UCC को लेकर सहारनपुर और मुरादाबाद की मस्जिदों को कथित तौर पर निशाना बनाए जाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि UCC के जरिए माहौल खराब करने की कोशिश नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह के मुद्दों से हिंदू-मुस्लिम तनाव बढ़ता है। एसटी हसन ने वंदेमातरम् को लेकर हुए विवाद का भी जिक्र किया।
अंतिम संस्कार की परंपराओं का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि कोई मुसलमान नहीं चाहेगा कि उसकी बॉडी को जलाया जाए और कोई हिंदू नहीं चाहेगा कि उसकी बॉडी को दफनाया जाए।
इमरान मसूद के बयान पर भी साधा निशाना
सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद के बयानों को लेकर भी एसटी हसन ने निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इमरान मसूद की सपा नेताओं से कुछ व्यक्तिगत समस्याएं हो सकती हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि वह गठबंधन को लेकर टिप्पणी करें।
एसटी हसन ने कहा कि न तो वह और न ही कोई ‘छुटभैया नेता’ यह तय करेगा कि गठबंधन रहेगा या नहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि इमरान मसूद के इस तरह के बयानों से बीजेपी को फायदा होता है।



