मुंबई: महाराष्ट्र के सबसे अमीर विधायकों में शामिल और घाटकोपर ईस्ट विधानसभा क्षेत्र से BJP विधायक पराग शाह ने एक अनोखा सामाजिक और धार्मिक अनुभव लिया। 3400 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति के मालिक बताए जाने वाले पराग शाह एक दिन के लिए अपना राजनीतिक ओहदा, दौलत और उससे जुड़ी सुविधाएं छोड़कर भिखारी के वेश में सड़कों पर निकले। मेकअप के जरिए उन्होंने अपना हुलिया बदला, जिसके कारण सार्वजनिक स्थानों पर लोग उन्हें पहचान नहीं सके।
क्यों किया ऐसा प्रयोग ?
जानकारी के मुताबिक, जैन धर्म के चातुर्मास के दौरान पराग शाह के गुरु नम्रमुनि ने उन्हें एक दिन भिखारी के जीवन और उसकी परिस्थितियों को करीब से समझने का अनुभव लेने की सलाह दी थी। इसी सलाह के तहत उन्होंने अपने नियमित सुरक्षा घेरे और अन्य संसाधनों से अलग रहते हुए भिखारी का रूप धारण किया।
भीख मांगकर खाया खाना
पराग शाह ने इस दौरान अलग-अलग स्थानों पर जाकर लोगों से संपर्क किया और भिक्षा मांगकर भोजन करने का भी अनुभव लिया। उनका उद्देश्य यह समझना था कि दौलत और राजनीतिक पद से मिलने वाली सुविधाओं के बिना जीवन कैसा होता है। बाद में कुछ स्थानों पर उन्होंने अपना वास्तविक परिचय सामने आने के बाद दोबारा जाकर लोगों से बातचीत की और अपने अनुभव साझा किए।
क्यों बना चर्चा का विषय ?
घाटकोपर ईस्ट के BJP विधायक पराग शाह का भिखारी का वेश धारण करना अब चर्चा का विषय बना हुआ है। इस पहल को एक व्यक्तिगत और धार्मिक अनुभव के तौर पर देखा जा रहा है, जिसके जरिए उन्होंने समाज के एक वर्ग के जीवन और उसकी परिस्थितियों को करीब से समझने की कोशिश की।
हालांकि, इस घटना ने एक सामाजिक सवाल भी खड़ा किया है कि क्या किसी व्यक्ति के जीवन की वास्तविक सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों को कुछ घंटों या एक दिन के अनुभव से पूरी तरह समझा जा सकता है? यही सवाल इस पूरे प्रयोग को व्यक्तिगत अनुभव से आगे बढ़ाकर सामाजिक चर्चा का विषय बना रहा है।



