टी-सीरीज के संस्थापक गुलशन कुमार हत्याकांड को लेकर उत्तर प्रदेश के पूर्व आईपीएस अधिकारी राजेश पांडे ने एक और बड़ा दावा किया है। वरिष्ठ पत्रकार ब्रजेश मिश्रा को दिए पॉडकास्ट में उन्होंने बताया कि हत्या के दिन गुलशन कुमार के साथ उत्तर प्रदेश से मिले दोनों गनर मौजूद नहीं थे। पूर्व आईपीएस के मुताबिक, तत्कालीन मेरठ जोन के आईजी (और बाद में यूपी के डीजीपी रहे) विक्रम सिंह ने गनरों के मुंबई जाने की पहले से मिली अनुमति को अचानक रोक दिया था।

बता दें, पूर्व आईपीएस राजेश पांडे ने दावा किया कि तत्कालीन मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के निर्देश पर गुलशन कुमार को सुरक्षा के लिए दो गनर दिए गए थे, जो पहले उनके साथ मुंबई जाते रहे थे। लेकिन घटना से ठीक पहले आईजी विक्रम सिंह ने उन्हें मुंबई जाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया। पांडे ने कहा, “अगर हत्या के दिन गनर गुलशन कुमार के साथ मुंबई में तैनात होते, तो शायद यह दर्दनाक वारदात होने से रुक सकती थी।”

अपने इस सनसनीखेज दावे के समर्थन में राजेश पांडे ने एक वरिष्ठ पत्रकार की तत्कालीन रिपोर्ट का भी हवाला दिया। पूर्व पुलिस अधिकारी के इस बयान के बाद 1997 के इस चर्चित और हाई-प्रोफाइल हत्याकांड में सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक फैसलों को लेकर एक बार फिर नए सवाल खड़े हो गए हैं।

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