आजकल बाजार और सोशल मीडिया से लेकर मेडिकल स्टोर्स तक, पुरुषों की शारीरिक क्षमता बढ़ाने और संबंधों के दौरान ज्यादा देर तक टिके रहने का दावा करने वाले टॉनिक और सप्लीमेंट्स की बाढ़ आई हुई है। लोग अक्सर बिना किसी डॉक्टरी सलाह के इन प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल शुरू कर देते हैं। लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों (एक्सपर्ट्स) ने चेतावनी दी है कि यह आदत फायदे के बजाय शरीर को गंभीर बीमारियों के खतरे में डाल सकती है।
क्या सच में असरदार हैं ये सप्लीमेंट्स?
स्क्रिप्स क्लिनिक के प्राइमरी केयर फिजिशियन डॉ. लुइगी सिमोन के अनुसार, शारीरिक क्षमता बढ़ाने का दावा करने वाले ज्यादातर सप्लीमेंट्स पर वैज्ञानिक रूप से पर्याप्त रिसर्च नहीं की गई है। उनका कहना है कि कई बार लोगों को इन प्रोडक्ट्स से सिर्फ मानसिक (मेंटल) तौर पर फर्क महसूस होता है, लेकिन इनके वास्तविक असर को लेकर कोई ठोस सबूत मौजूद नहीं हैं। लंबे समय तक बेहतर प्रदर्शन करने जैसे दावे वैज्ञानिक रूप से पूरी तरह साबित नहीं हुए हैं।
सेहत को हो सकते हैं ये गंभीर नुकसान
एक्सपर्ट्स का मानना है कि ये सप्लीमेंट्स हर व्यक्ति के शरीर के लिए सुरक्षित नहीं होते हैं। कई बार इन प्रोडक्ट्स में ऐसे तत्व मौजूद होते हैं जो शरीर में एलर्जी, ब्लड प्रेशर की समस्या या पहले से चल रही दूसरी दवाओं के साथ मिलकर खतरनाक रिएक्शन पैदा कर सकते हैं। कुछ सप्लीमेंट्स में छिपे हुए केमिकल्स या बिना बताए मिलाई गई दवाइयाँ भी हो सकती हैं, जो शरीर को भारी नुकसान पहुँचाती हैं। इसलिए बिना जांचे-परखे इनका सेवन करना जोखिम भरा है।
समस्या होने पर खुद इलाज करने से बचें
डॉक्टर्स के मुताबिक, यदि किसी व्यक्ति को शारीरिक संबंधों से जुड़ी कोई समस्या आ रही है, तो उसे खुद से दवाइयाँ या टॉनिक लेने के बजाय विशेषज्ञ डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। कई बार इस तरह की समस्याओं के पीछे हाई ब्लड प्रेशर, दिल की बीमारी, डायबिटीज (मधुमेह) या मानसिक तनाव जैसे मुख्य कारण होते हैं। ऐसे में केवल ताकत बढ़ाने वाले टॉनिक पीने के बजाय, असली बीमारी का सही इलाज कराना बेहद जरूरी होता है।
एफडीए की सख्त जांच से नहीं गुजरते ये प्रोडक्ट्स
डॉ. लुइगी सिमोन बताते हैं कि अक्सर लोग शर्म और झिझक के कारण डॉक्टर के पास नहीं जाते और सीधे इन सप्लीमेंट्स का सहारा ले लेते हैं, जो कि खतरनाक है। डॉक्टर समस्या की असली वजह को पहचानकर सही इलाज कर सकते हैं और जरूरत पड़ने पर चल रही दवाओं में बदलाव भी कर सकते हैं।
एक्सपर्ट्स ने यह भी साफ किया है कि बाजार में बिकने वाले ये सप्लीमेंट्स सामान्य दवाइयों की तरह किसी सख्त जांच प्रक्रिया से नहीं गुजरते हैं। ‘फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन’ (FDA) इन प्रोडक्ट्स को बाजार में उतारने से पहले पूरी तरह से मंजूरी नहीं देता है, जिससे इनके अंदर मौजूद चीजें शरीर के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती हैं।



