बहुजन समाज पार्टी (BSP) के भीतर एक बार फिर जबरदस्त राजनीतिक घमासान और गृह कलह सतह पर आ गई है। पार्टी प्रमुख मायावती ने कड़ा कदम उठाते हुए आकाश आनंद के ससुर और पूर्व सांसद अशोक सिद्धार्थ को तत्काल प्रभाव से बीएसपी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। उनके साथ ही पंजाब और अन्य राज्यों के प्रभावी कोआर्डिनेटर रणधीर सिंह बेनीवाल पर भी अनुशासनहीनता का डंडा चला है और उन्हें भी पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है। इस ताबड़तोड़ कार्रवाई ने बीएसपी के भीतर चल रहे सत्ता-संघर्ष और गुटबाजी को एक बार फिर से राष्ट्रीय चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

मायावती ने गिनाई वजहें और लगाए गंभीर आरोप

मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सिलसिलेवार पोस्ट के जरिए इन निष्कासनों की पूरी पटकथा और कारण देश के सामने रखे। उन्होंने बताया कि अशोक सिद्धार्थ को पहले भी महाराष्ट्र चुनाव के दौरान टिकट बंटवारे में गड़बड़ी और दिशा-निर्देशों के उल्लंघन के आरोप में पार्टी से निकाला गया था। हालांकि, बाद में दोबारा गलती न करने की शर्त पर उन्हें केवल दूसरे राज्यों में जनाधार बढ़ाने की जिम्मेदारी के साथ वापस लिया गया था।

लेकिन, कर्नाटक, ओडिशा और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में भी उनकी कार्यशैली और अनुशासनहीनता को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। बार-बार दी गई चेतावनियों के बावजूद जब उनके रवैये में कोई सुधार नहीं आया, तो उन्हें सभी जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया गया। मायावती ने आरोप लगाया कि इसके बाद उनके उत्तर प्रदेश लौटने की खबरें जानबूझकर पार्टी में भ्रम पैदा करने और आगामी यूपी विधानसभा उपचुनाव के अभियान को प्रभावित करने का एक बड़ा षड्यंत्र थीं। इसी के चलते पार्टी और मूवमेन्ट के हित में उन्हें तत्काल प्रभाव से हमेशा के लिए निष्कासित कर दिया गया है।

रणधीर सिंह बेनीवाल पर भी गिरी गाज

अशोक सिद्धार्थ के अलावा पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के कोआर्डिनेटर रहे रणधीर सिंह बेनीवाल को भी पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता के चलते बीएसपी से बाहर कर दिया गया है। मायावती ने स्पष्ट किया कि पार्टी संगठन में बड़ा फेरबदल करते हुए राज्यसभा सांसद रामजी गौतम को पंजाब राज्य का पुनः प्रभारी बना दिया गया है, जो आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों तक अपनी जिम्मेदारी संभालेंगे।

बीएसपी नेतृत्व का बड़ा नीतिगत फैसला

इस पूरे घटनाक्रम के बीच मायावती ने एक स्पष्ट नीतिगत संदेश भी जारी किया है। बीएसपी सुप्रीमो ने ऐलान किया है कि उत्तर प्रदेश के रहने वाले जो भी वरिष्ठ पदाधिकारी और कोआर्डिनेटर वर्तमान में दूसरे राज्यों में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं, उन्हें भविष्य में यूपी के भीतर पार्टी की कोई भी कमान या जिम्मेदारी नहीं सौंपी जाएगी। साथ ही, पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों से अपील की गई है कि वे ऐसे षड्यंत्रकारी तत्वों से पूरी तरह सावधान रहें जो यूपी में बीएसपी के पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने के अभियान को भटकाने की कोशिश कर रहे हैं। मीडिया से भी अपील की गई है कि वे विरोधी पार्टियों के बहकावे में आकर किसी भी तरह के मिथ्या और भ्रामक तथ्यों को प्रचारित न करें।

Akhilesh Yadav की बैठक में शिवपाल समेत कई विधायक मौजूद, UP Politics में हलचल

शेयर करना
Exit mobile version