पटना: बिहार के बंटी यादव हत्याकांड मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी रविश उर्फ बसिया को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी नेपाल भागने की तैयारी कर रहा था और उसके पास नकदी भी थी। इसी दौरान पुलिस टीम ने उसे पकड़ने के लिए छापेमारी की।
पटना के SSP कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि हत्याकांड का मुख्य आरोपी रविश नदी के रास्ते नेपाल भागने की कोशिश कर रहा है। इसके बाद पुलिस ने अलग-अलग स्थानों पर चेकिंग शुरू की। पुलिस के मुताबिक, जब आरोपी को रोकने की कोशिश की गई तो उसने पुलिस वाहन पर फायरिंग कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने आत्मरक्षा में गोली चलाई।
पुलिस कार्रवाई में रविश के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी की हालत खतरे से बाहर है। इस मामले में चार अन्य लोगों की संलिप्तता भी सामने आई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कार्रवाई जारी है।
बंटी यादव की हत्या ने बिहार में कानून व्यवस्था को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया था। पुलिस के अनुसार, यह मामला अपहरण, मारपीट और हत्या से जुड़ा है। जांच में सामने आया कि बंटी यादव को 6 जुलाई को पटना जंक्शन के पास करबिगहिया इलाके से कथित तौर पर अगवा किया गया था।
परिजनों ने आरोप लगाया था कि सूचना देने के बाद भी पुलिस ने समय पर कार्रवाई नहीं की। पांच दिन बाद अथलगोला इलाके से बंटी यादव का शव बरामद हुआ था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसके शरीर पर गंभीर चोटों के निशान मिले थे। जांच में यह भी सामने आया कि हत्या से पहले उसके साथ मारपीट और यातना दी गई थी।
पुलिस के मुताबिक, हत्या के पीछे आर्थिक विवाद और अवैध शराब कारोबार से जुड़ा मामला सामने आया है। जांच में पता चला कि रविश कुमार उर्फ बीसी और उसके साथियों के बीच मुनाफे के बंटवारे और इलाके के नियंत्रण को लेकर विवाद चल रहा था।
पुलिस जांच में मुख्य आरोपियों में रविश कुमार उर्फ बीसी, रौशन कुमार, अजीत कुमार साहनी और मोनी किन्नर के नाम सामने आए हैं। पुलिस का कहना है कि बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
इस मामले को लेकर विपक्षी दलों ने बिहार सरकार पर कानून व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं। वहीं पुलिस प्रशासन का कहना है कि मामले का खुलासा कर लिया गया है और फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।



