वाराणसी: प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) की टीम ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी और सख्त कार्रवाई को अंजाम दिया है। राज्य कर (GST) विभाग, सेक्टर-6 की डिप्टी कमिश्नर अंबिका को विजिलेंस टीम ने 50,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।

क्या था पूरा मामला?

बता दें, मिली जानकारी के अनुसार, एक कंपनी की फाइल को निस्तारित करने और फरवरी 2023 के जीएसटी रिटर्न से जुड़े एक मामले में डिप्टी कमिश्नर द्वारा रिश्वत की मांग की गई थी। पीड़ित पक्ष ने इस मामले की शिकायत विजिलेंस विभाग से की थी, जिसके बाद सतर्कता विभाग ने इस मामले को गंभीरता से लिया और जाल बिछाया।

ऐसे बिछाया जाल

शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस की टीम ने पूरी योजना बनाई। चेतगंज स्थित ‘दादा रेस्टोरेंट’ के पास जैसे ही डिप्टी कमिश्नर अंबिका रिश्वत की रकम लेने पहुंचीं, सतर्कता टीम ने उन्हें रंगे हाथों दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद टीम ने तत्काल उनसे पूछताछ की और आवश्यक साक्ष्य जुटाए।

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई

आरोपी अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। विजिलेंस टीम अब उनसे इस मामले में शामिल अन्य संभावित लोगों के बारे में भी पूछताछ कर रही है। इस गिरफ्तारी से स्थानीय प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।

प्रशासन का संदेश

वाराणसी में इस तरह की कार्रवाई यह स्पष्ट संदेश देती है कि सरकारी कामकाज में रिश्वतखोरी को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विजिलेंस की यह कार्रवाई आम जनता को राहत देने वाली है और यह साबित करती है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम जारी है। मामले की विवेचना जारी है और आगे की कानूनी कार्रवाई नियमानुसार पूरी की जाएगी।

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