उत्तर-प्रदेश: वाराणसी में 50 करोड़ रुपये की संपत्ति को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। रिटायर शिक्षक ओमप्रकाश मिश्रा और उनकी पत्नी ने अपनी संपत्ति को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप है कि बीमारी और लाचारी की स्थिति में उनकी जमीन और मकान की रजिस्ट्री रात करीब 11 बजे कराई गई। इस पूरे मामले को लेकर ओमप्रकाश मिश्रा के वकील ने कई गंभीर सवाल उठाए हैं।

वकील का आरोप है कि रिटायर शिक्षक की संपत्ति को लेकर भूमाफिया, कुछ प्रभावशाली लोगों और अधिकारियों के बीच मिलीभगत की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि उप निबंधक कार्यालय गंगानगर, वाराणसी में नियमों को दरकिनार करते हुए रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी कराई गई। इस मामले में अप्रैल महीने से शिकायतें की जा रही थीं, लेकिन लंबे समय तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

बताया गया कि कोर्ट के आदेश के बाद इस मामले में FIR दर्ज हुई, लेकिन आरोप है कि प्रभावशाली लोगों के दबाव के कारण आगे की कार्रवाई नहीं हो सकी। पीड़ित पक्ष का कहना है कि उन्हें न्याय के लिए लगातार संघर्ष करना पड़ रहा है।

ओमप्रकाश मिश्रा के वकील ने प्रशासन, पुलिस और रजिस्ट्री विभाग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कथित गठजोड़ की जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि बीमार और बुजुर्ग दंपति अपनी संपत्ति बचाने के लिए अधिकारियों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।

इस मामले में लगाए गए सभी आरोपों की जांच और वास्तविक स्थिति सामने आने के बाद ही पूरी तस्वीर साफ हो पाएगी। फिलहाल वाराणसी में 50 करोड़ की संपत्ति विवाद का यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।

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