आगरा: उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के सिकंदरा थाना क्षेत्र से पारिवारिक रिश्तों को तार-तार कर देने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ एक प्रोफेसर जीजा को अपने इंजीनियर साले को पारिवारिक जिम्मेदारियों का अहसास कराना और उसे समझाना बेहद भारी पड़ गया। मां और दिव्यांग भाई की देखभाल न करने से नाराज जीजा जब साले के घर पहुंचे, तो आरोपी ने मर्यादा की सारी हदें पार करते हुए अपने ही प्रोफेसर जीजा पर चाकू तान दिया और उन्हें जान से मारने के लिए दौड़ा लिया। पीड़ित ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई।
बता दें, जानकारी के मुताबिक, अरविंदपुरम के रहने वाले प्रोफेसर विश्वकांत गुप्ता ने थाना सिकंदरा में अपने साले अमित गुप्ता के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई है। आरोपी अमित गुप्ता गुरुग्राम की एक निजी कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के पद पर कार्यरत है। प्रोफेसर विश्वकांत गुप्ता ने पुलिस को बताया कि उनके ससुर की मृत्यु के बाद से ही अमित अपनी बुजुर्ग मां और दिव्यांग भाई की देखभाल नहीं कर रहा है। जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ने के कारण पिछले कई वर्षों से उसकी मां और दिव्यांग भाई या तो प्रोफेसर विश्वकांत के घर रह रहे हैं या फिर अपनी दूसरी बहन के घर शरण लिए हुए हैं।
इसी पारिवारिक विवाद को सुलझाने और अमित को उसकी जिम्मेदारी समझाने के लिए 6 जून को दोपहर प्रोफेसर विश्वकांत गुप्ता अपने भांजे अमन गुप्ता के साथ अमित के घर पहुंचे थे। बातचीत के दौरान इंजीनियर अमित इस कदर भड़क गया कि उसने गाली-गलौज करते हुए जीजा और भांजे के साथ मारपीट शुरू कर दी। जब भांजे अमन ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो अमित और ज्यादा उग्र हो गया। वह घर के अंदर से धारदार चाकू उठा लाया और जीजा को मारने के लिए उनके पीछे दौड़ पड़ा। दोनों ने मौके से भागकर बमुश्किल अपनी जान बचाई और सीधे थाने पहुंचे। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि पीड़ित प्रोफेसर की तहरीर पर आरोपी इंजीनियर के खिलाफ सुसंगत धाराओं में एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली गई है और पुलिस मामले की विधिक पड़ताल में जुट गई है।



