उत्तर प्रदेश के कानपुर कमिश्नरेट पुलिस और साइबर सेल (पूर्वी जोन) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 36 करोड़ रुपये के भारी-भरकम साइबर फ्रॉड का खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो फर्जी ट्रस्ट के नाम पर म्यूल अकाउंट (Mule Accounts) खोलकर अवैध लेनदेन कर रहे थे। फीलखाना पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त कार्रवाई से इस बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है।
पुलिस जांच में सामने आया कि इन फर्जी खातों के जरिए लगभग 36 करोड़ रुपये का संदिग्ध लेन-देन किया गया था। NCRP पोर्टल पर इन खातों से जुड़ी कुल 178 साइबर ठगी की शिकायतें पहले ही दर्ज थीं। ठगी की इस रकम को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करने का मुख्य आरोप इन्हीं खातों पर था। पुलिस ने गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान विक्रम और सूरज निषाद के रूप में की है।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से फर्जी लेटर पैड, मोहर, चेकबुक और डेबिट कार्ड समेत कई आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए हैं। शुरुआती पूछताछ में पता चला है कि यह एक बड़ा अंतरराज्यीय या संगठित गिरोह हो सकता है, जो भोले-भाले लोगों को फंसाकर या फर्जी दस्तावेजों के सहारे बैंक खाते खुलवाता था। फिलहाल, पुलिस इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और इनके अन्य साथियों की तलाश में जुटी हुई है।



