लखनऊ के गोमतीनगर में पत्नी दिव्या और बहन तूलिका की गोली मारकर हत्या करने के बाद खुदकुशी करने वाले बैंक अफसर मानस बाजपेयी के खिलाफ वारदात के करीब एक महीने बाद हत्या की FIR दर्ज की गई है। दिव्या के पिता राजाजीपुरम निवासी सतीश चंद्र मिश्र की तहरीर पर गोमतीनगर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। हालांकि, जिस मानस बाजपेयी को नामजद किया गया है, उसकी वारदात के दिन ही मौत हो चुकी थी।
एक महीने बाद दर्ज हुई हत्या की FIR
20 अगस्त को मिठाई वाला चौराहे के पास स्थित ICICI बैंक के मुख्य गेट पर दिव्या मिश्रा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसके बाद मानस अपने घर 1/282 विरामखंड, गोमतीनगर पहुंचा, जहां उसने अपनी बहन तूलिका की गोली मारकर हत्या करने के बाद खुद को भी गोली मारकर जान दे दी थी।
वारदात के बाद करीब एक महीने तक किसी की ओर से शिकायत नहीं दी गई थी। मानस के रिश्तेदारों के साथ दिव्या के परिजनों ने भी पुलिस से संपर्क नहीं किया था। अब दिव्या के पिता की तहरीर पर मानस के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
सतीश चंद्र मिश्र ने तहरीर में आरोप लगाया है कि 20 अगस्त को उनकी बेटी दिव्या की उसके पति मानस ने ICICI बैंक के मुख्य गेट पर हत्या की थी। इसके बाद मानस ने घर पहुंचकर बहन तूलिका की हत्या कर खुदकुशी कर ली।
26 अगस्त को स्पीड पोस्ट से भेजी गई थी तहरीर
सतीश मिश्र के मुताबिक उनकी छोटी बेटी प्रज्ञा मिश्रा ने 26 अगस्त को स्पीड पोस्ट के जरिए घटना के संबंध में थाने में तहरीर भेजी थी। उनका कहना है कि उनकी जानकारी में उस समय FIR दर्ज नहीं की गई थी।
अब प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस पूरे मामले की नए सिरे से जांच कर रही है। पुलिस उस अधिवक्ता के बारे में भी जानकारी जुटा रही है, जिसके जरिए मानस को असलहा उपलब्ध होने की बात सामने आई है। इसके अलावा पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि घटना के पीछे किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका या किसी साजिश की आशंका थी या नहीं।
ऑटो चालक मुकेश से फिर होगी पूछताछ
घटना के समय मानस के साथ मौजूद ऑटो चालक मुकेश से पुलिस दोबारा पूछताछ करेगी। बताया गया है कि मानस के बुलाने पर मुकेश घटना वाले दिन उसके पास पहुंचा था और उसे मिठाई वाला चौराहा स्थित ICICI बैंक के बाहर लेकर गया था।
आरोप के मुताबिक बैंक के बाहर मानस ने दिव्या की गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद उसने मुकेश को गन पॉइंट पर रखकर वापस हुसड़िया चौराहा छोड़ने के लिए कहा। डर के कारण मुकेश उसे वहां छोड़कर चला गया। इसके बाद मानस अपने घर पहुंचा, जहां उसने बहन तूलिका की गोली मारकर हत्या कर दी और फिर खुदकुशी कर ली।
मृतक के खिलाफ FIR को लेकर कानूनी सवाल
वरिष्ठ अधिवक्ता प्रांशु अग्रवाल के मुताबिक, नियम के तहत किसी मृत व्यक्ति के खिलाफ FIR दर्ज नहीं की जा सकती। यदि ऐसी FIR दर्ज हुई है तो यह जांच का विषय है।
उनके मुताबिक, अगर घटना के पीछे किसी अन्य व्यक्ति के षड्यंत्र में शामिल होने की बात सामने आती है तो उस व्यक्ति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उसकी भूमिका की जांच की जा सकती है।
अब पुलिस के सामने क्या विकल्प?
मानस बाजपेयी की मौत हो चुकी है और FIR में उसी को नामजद किया गया है। ऐसे में उसके खिलाफ आगे आपराधिक कार्रवाई संभव नहीं होगी। अब पुलिस के सामने बड़ा सवाल यह है कि जांच किस दिशा में आगे बढ़ेगी और क्या किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है।
माना जा रहा है कि जांच पूरी होने के बाद पुलिस नियम के अनुसार अंतिम रिपोर्ट दाखिल कर सकती है। हालांकि, अगर जांच में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई का रास्ता खुल सकता है।
शव के पास मिले थे तीन असलहे
घटना के बाद मानस और उसकी बहन तूलिका के शव कमरे में बेड पर मिले थे। शवों के पास से दो पिस्तौल और एक तमंचा बरामद किया गया था।
मानस ने खुदकुशी से पहले WhatsApp पर स्टेटस भी लगाया था। इसमें उसने पत्नी की हत्या और खुद आत्महत्या करने का जिक्र किया था। अब नई FIR दर्ज होने के बाद पुलिस इस पूरे घटनाक्रम की फिर से पड़ताल कर रही है।



