नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस भाषण में इस्तेमाल किए गए “दिमागी नक्सल” शब्द को लेकर सियासी बहस तेज हो गई है। CJP के चीफ स्पोक्सपर्सन सौरव दास ने PM मोदी के बयान पर सार्वजनिक आपत्ति जताई है। उन्होंने अपने वेरिफाइड X अकाउंट पर कहा कि सवाल पूछने वाले शिक्षित युवाओं को इस तरह से लेबल करना गलत है। सौरव दास ने इसे सरकार की आलोचना करने वाले युवाओं के प्रति असहिष्णुता बताया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से अपने संबोधन में कहा था कि देश में सशस्त्र नक्सलवाद कमजोर हो रहा है, लेकिन “दिमागी नक्सल” मानसिकता वाले लोग हिंसा और अशांति फैलाने के मौके तलाशते हैं। उन्होंने ऐसे तत्वों की पहचान कर उन्हें अलग करने की बात कही थी।
PM Modi Dimaagi Naxal Remark के बाद सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई है। जहां कुछ लोग इसे देशविरोधी सोच के खिलाफ कार्रवाई का संदेश बता रहे हैं, वहीं कुछ लोग इसे Freedom of Expression पर सवाल उठाने वाला बयान बता रहे हैं। इस मामले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा जारी है।



