रिपोर्ट : हरिपाल,पीलीभीत

पीलीभीत। बारिश थमने के कई दिन बाद भी पीलीभीत के ग्रामीण इलाकों में जलभराव का संकट खत्म नहीं हुआ है। बरखेड़ा विधानसभा क्षेत्र के बिहारीपुर, नौगवां, बकैनिया समेत कई गांव पानी में डूबे हुए हैं। गांवों की सड़कें जलमग्न हैं, खेतों में पानी भरा है और सरकारी स्कूलों पर भी ताले लटक रहे हैं। पानी निकासी की व्यवस्था नहीं, गांवों में बढ़ती परेशानी
बारिश के करीब एक सप्ताह बाद भी गांवों में जलभराव बरकरार।

10 दिनों से स्कूल बंद, बच्चों की पढ़ाई पर असर

जलभराव का असर अब बच्चों की पढ़ाई तक पहुंच गया है। गांव के सरकारी स्कूल में पानी भरने के कारण स्कूल करीब 10 दिनों से बंद बताया जा रहा है। स्कूल परिसर में पानी जमा होने से बच्चों की पढ़ाई बाधित है। ग्रामीणों के सामने बच्चों की शिक्षा को लेकर भी चिंता खड़ी हो गई है।

सड़कों पर पानी, गांवों का संपर्क प्रभावित

गांवों की मुख्य सड़कों और संपर्क मार्गों पर कई फीट तक पानी जमा है। इसके चलते लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई रास्तों पर जलभराव के कारण यातायात प्रभावित हुआ है।

खेतों में पानी, फसल बर्बाद होने की चिंता

जलभराव ने किसानों की परेशानी भी बढ़ा दी है। खेतों में लंबे समय से पानी जमा होने के कारण फसलें प्रभावित हो रही हैं। किसानों को आशंका है कि अगर जल्द पानी नहीं निकला तो फसलों को बड़ा नुकसान हो सकता है।

बारिश थमी, लेकिन संकट बरकरार

बारिश के बाद पानी की निकासी नहीं होने से ग्रामीण इलाकों में हालात सामान्य नहीं हो सके हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण समस्या लगातार बनी हुई है। अब ग्रामीणों की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर है। लोगों की मांग है कि जलभराव वाले इलाकों से तत्काल पानी की निकासी कराई जाए, प्रभावित सड़कों को सुचारु कराया जाए और स्कूलों को सुरक्षित स्थिति में लाकर बच्चों की पढ़ाई शुरू कराई जाए।

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