डेस्क : भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए शिक्षा मंत्रालय को एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव भेजा है। इस प्रस्ताव के तहत अब स्कूलों में बच्चों को पैकेज्ड फूड पर दिए जाने वाले चेतावनी लेबल पढ़ाए जाने की योजना है, ताकि कम उम्र से ही बच्चे अधिक चीनी, नमक और वसा (Fat) वाले खाद्य पदार्थों से होने वाले खतरों को आसानी से समझ सकें। सुप्रीम कोर्ट की कड़ी फटकार के बाद FSSAI ने यह सख्त और अहम कदम उठाया है, जिसका उद्देश्य बढ़ते स्वास्थ्य संकट पर लगाम लगाना है।

प्रस्तावित नियमों के अनुसार खाद्य पदार्थों के पैकेट पर ‘रेड हेक्सागन’ (लाल षट्कोण) चेतावनी का प्रावधान किया गया है, जो अस्वस्थकर तत्वों की मौजूदगी को दर्शाएगा। इसके अलावा, अत्यधिक मीठे और कैफीनयुक्त पेय पदार्थों के लिए विशेष प्रावधान भी इसमें शामिल किए गए हैं। नए नियमों के लागू होने के बाद निर्माताओं को अपने उत्पादों के पैकेजिंग में बदलाव करने के लिए 365 दिन (पूरा एक साल) का समय मिलेगा। सरकार के इस कदम से बच्चों में जंक फूड के प्रति रुझान कम होने और खानपान की स्वस्थ आदतें विकसित होने की उम्मीद जताई जा रही है।

03 अक्टूबर की 25 बड़ी खबरें |Top 25 News | UP News | Today News | CM Yogi | Akhilesh | Politics

शेयर करना
Exit mobile version