चिकित्सा जगत और उत्तर प्रदेश के लिए एक बेहद गौरवशाली क्षण सामने आया है। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय लखनऊ के रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. सूर्यकान्त को राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत गठित नेशनल टास्क फोर्स (NTF) का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इस राष्ट्रीय टास्क फोर्स का मुख्य उद्देश्य देश भर के मेडिकल कॉलेजों में टीबी उन्मूलन संबंधी गतिविधियों को मजबूत करना तथा राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना है।
बता दें, अपनी नियुक्ति पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए डॉ. सूर्यकान्त ने कहा- “टीबी मुक्त भारत का संकल्प केवल टीबी से पीड़ित व्यक्ति और उसके परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है।” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ‘प्रधान से प्रधानमंत्री’ तक प्रत्येक व्यक्ति को टीबी के खिलाफ इस जन-अभियान में अपनी सक्रिय भूमिका निभानी होगी। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी प्राथमिकता देश के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों, सेंट्रल टीबी डिवीजन (CTD), जोनल टास्क फोर्स (ZTF), स्टेट टास्क फोर्स (STF) और मेडिकल कॉलेज कोर कमेटियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर टीबी उन्मूलन के कार्यों को और अधिक गति प्रदान करना होगी।
केजीएमयू की कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद ने डॉ. सूर्यकान्त को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह उपलब्धि न केवल संस्थान बल्कि पूरे प्रदेश और देश के चिकित्सा समुदाय के लिए गौरव का विषय है। डॉ. सूर्यकान्त का टीबी उन्मूलन के क्षेत्र में लंबा और शानदार अनुभव रहा है। वे उत्तर प्रदेश टीबी स्टेट टास्क फोर्स के लगभग 10 वर्षों तक और पिछले 4 वर्षों से नॉर्थ जोन (उत्तर भारत के 9 राज्यों) के चेयरमैन के रूप में टीबी उन्मूलन गतिविधियों का नेतृत्व कर रहे हैं। इसके अलावा, उन्हें हाल ही में ट्यूबरकुलोसिस एसोसिएशन ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित होने वाले 81वें नेशनल कॉन्फ्रेंस (NETCON 2026) का प्रेसिडेंट भी नामित किया गया है।
प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत योजना के तहत डॉ. सूर्यकान्त लंबे समय से सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में अब तक 500 से अधिक टीबी मरीजों को गोद लेकर उनके उपचार, पोषण और देखभाल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। इसके साथ ही वर्ष 2019 से ग्राम पंचायतों और स्लम क्षेत्रों को गोद लेकर वहां टीबी उन्मूलन की दिशा में निरंतर सराहनीय कार्य किए जा रहे हैं। उनकी यह नई नियुक्ति देश को टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य को हासिल करने में एक मील का पत्थर साबित होगी।



