आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी में तनाव अब एक आम समस्या बन चुका है, जो धीरे-धीरे गंभीर स्वास्थ्य खतरे में बदलता जा रहा है। पहले हाई ब्लड प्रेशर को उम्र बढ़ने की बीमारी माना जाता था, लेकिन अब यह 20 से 30 साल के युवाओं, ऑफिस कर्मचारियों और छात्रों में भी तेजी से बढ़ रहा है।

विशेषज्ञों के अनुसार तनाव के दौरान शरीर “फाइट ऑर फ्लाइट” मोड में चला जाता है, जिससे हार्ट रेट और ब्लड प्रेशर दोनों बढ़ जाते हैं। Hypertension अक्सर बिना स्पष्ट लक्षणों के शरीर को नुकसान पहुंचाता है, इसलिए इसे “साइलेंट किलर” भी कहा जाता है।

डॉक्टर बताते हैं कि तनाव के समय शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन बढ़ता है, जिससे दिल की धड़कन तेज होती है और रक्त वाहिकाएं सिकुड़ जाती हैं। लगातार तनाव रहने पर यह स्थिति स्थायी हाई ब्लड प्रेशर का कारण बन सकती है। देर रात तक काम, मोबाइल का अत्यधिक उपयोग और आर्थिक दबाव नींद को भी प्रभावित करते हैं, जिससे शरीर की रिकवरी प्रक्रिया बाधित होती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि खराब लाइफस्टाइल जैसे जंक फूड, धूम्रपान और एक्सरसाइज की कमी इस समस्या को और गंभीर बनाते हैं। डॉक्टर सलाह देते हैं कि नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद, स्क्रीन टाइम कम करना और मानसिक संतुलन बनाए रखना हार्ट हेल्थ के लिए बेहद जरूरी है।

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