ललितपुर में एक रिटायर्ड टीचर ने गुरुवार 9 जुलाई को सुसाइड नोट लिखने के बाद ज़हरीला खाना खाकर सुसाइड कर लिया। इस मामले में पुलिस ने शुक्रवार दोपहर एक बजे इलाके के रिटायर्ड DG एलवी एंटनी देवकुमार समेत 6 लोगों के खिलाफ सुसाइड के लिए उकसाने का केस दर्ज किया है।

FIR दर्ज होने के बाद परिवार वाले शव को अंतिम संस्कार के लिए गांव ले गए

यह FIR राजाराम गोस्वामी के बेटे अनुराग गोस्वामी की शिकायत पर दर्ज की गई। शुक्रवार को परिवार वालों और सौ से ज़्यादा गांव वालों ने FIR दर्ज करने की मांग को लेकर SP ऑफिस पर तीन घंटे तक प्रदर्शन किया। FIR दर्ज होने के बाद परिवार वाले शव को अंतिम संस्कार के लिए गांव ले गए। अनुराग गोस्वामी ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि गुरुवार, 9 जुलाई को दोपहर करीब 12 बजे उनके पिता राजाराम गोस्वामी ने उन्हें फोन करके बताया कि यह उनकी आखिरी बात है। अनुराग तुरंत घर पहुंचे और देखा कि उनके पिता ने कोई ज़हरीली चीज़ खा ली है और उल्टी कर रहे हैं।

बेटे के अनुसार, अनुराग उसे इलाज के लिए बार हॉस्पिटल ले जा रहा था। रास्ते में पिता ने अपनी जेब से तीन सुसाइड नोट निकाले और कहा कि इसमें वह सब कुछ लिखा था, जिसकी वजह से वह आत्महत्या करने को मजबूर हुआ।सुसाइड नोट में पिता ने कहा कि साल 2002 में उस समय के पुलिस सुपरिटेंडेंट एलवी एंटनी देवकुमार ने उसे सबके सामने बेइज्जत किया था। इसके साथ ही बार थाने में उसके और गांव के दूसरे लोगों के खिलाफ केस भी दर्ज कराया था।

सुसाइड नोट में लिखा है कि गांव के लोग पिता पर केस वापस लेने का दबाव बना रहे थे

पिता ने कोर्ट के ज़रिए उस समय के SP एलवी देवकुमार और दूसरों के खिलाफ केस भी दर्ज कराया था। सुसाइड नोट में लिखा है कि गांव के लोग पिता पर केस वापस लेने का दबाव बना रहे थे और उन्हें लगातार मेंटली टॉर्चर कर रहे थे। सुसाइड नोट में गांव के गोकुल प्रसाद, कामता प्रसाद, देवेंद्र कुमार, गुलाब और छोटलाल पर भी साइकोलॉजिकल टॉर्चर का आरोप लगाया गया है। ये सभी चिंगलाव गांव, थाना बार के रहने वाले हैं।

पांच लाख रुपये की अवैध मांग की गई थी

उन पर गलत दबाव बनाकर पांच लाख रुपये की अवैध मांग की गई। पिता की मौत से पहले उनका मृत्यु पूर्व बयान पुलिस अधीक्षक ललितपुर के नाम हेड ऑफ पुलिस बार को लिखकर दिया गया था, जिसे याचिका के साथ अटैच किया जा रहा है। जिसके बाद पुलिस ने रिटायर्ड डीजी एलवी एंटनी देवकुमा, गोकुल प्रसाद पुत्र अजुद्दी बराड़, कामता प्रसाद पुत्र अजुद्दी, देवेंद्र कुमार पुत्र विद्याधर तिवारी, गुलाब पुत्र गोकुल प्रसाद बराड़, छोटलाल पुत्र खंजिया बराड़ के खिलाफ एफआईआर दर्ज की।

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