लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रदेश की पंचायती राज व्यवस्था में एक बड़ा प्रशासनिक निर्णय लेते हुए सभी 75 जिलों के जिला पंचायत अध्यक्षों को प्रशासक नियुक्त कर दिया है। सरकार का यह कदम तब उठाया गया है जब मौजूदा निर्वाचित बोर्ड का कार्यकाल 11 जुलाई को समाप्त होने वाला है।
उत्तर प्रदेश-
योगी सरकार का बड़ा ऐलान-
जिला पंचायत अध्यक्षों को बनाया गया प्रशासक, UP के सभी जिलों में जिला पंचायत अध्यक्ष को बनाया गया प्रशासक, कल अध्यक्षों का कार्यकाल खत्म हो रहा था #UttarPradesh #YogiAdityanath @UPGovt pic.twitter.com/LqWUBj43h5
— भारत समाचार | Bharat Samachar (@bstvlive) July 10, 2026
पंचायती राज विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, जब तक अगले चुनाव संपन्न नहीं हो जाते या नई कार्यकारिणी का गठन नहीं हो जाता, तब तक जिला पंचायत अध्यक्ष ही प्रशासक के रूप में कार्यभार संभालेंगे। यह व्यवस्था पंचायत राज अधिनियम के अंतर्गत की गई है ताकि सरकारी कार्यों और विकास योजनाओं की निरंतरता बनी रहे और कोई भी नीतिगत निर्णय प्रभावित न हो।
सरकार के इस कदम से स्पष्ट है कि प्रशासनिक कामकाज में किसी भी प्रकार का गतिरोध पैदा न हो। प्रदेश भर में विकास कार्यों की रफ्तार को देखते हुए यह सुनिश्चित किया गया है कि जिला पंचायतों का संचालन सुचारू रूप से चलता रहे। सभी जिलाधिकारियों को भी इस संबंध में निर्देशित किया गया है कि वे प्रशासनिक व्यवस्था में सहयोग प्रदान करें।
राजनीतिक गलियारों में इस निर्णय को चुनाव पूर्व तैयारियों के रूप में देखा जा रहा है। 11 जुलाई के बाद से जिला पंचायत अध्यक्ष प्रशासक की भूमिका में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करेंगे और उनके पास वे सभी शक्तियाँ होंगी जो एक प्रशासक को प्राप्त होती हैं। सरकार के इस फैसले से पंचायत स्तर पर कामकाज के सुचारू रूप से चलने की उम्मीद है।



