अयोध्या: रामनगरी अयोध्या में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र अपने दो दिवसीय दौरे पर अयोध्या पहुंचे हैं। पिछले 25 दिनों में यह उनका तीसरा दौरा है, जिसे बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नृपेंद्र मिश्र की इस सक्रियता ने न केवल मंदिर ट्रस्ट बल्कि स्थानीय गलियारों में भी चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है।
खास बात यह है कि नृपेंद्र मिश्र का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़ा ‘राम धन गबन’ मामला सुर्खियों में है और इस पर SIT की जांच चल रही है। इस घटनाक्रम के बीच मिश्र की मौजूदगी को ट्रस्ट की आंतरिक व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। चंपत राय के खेमे में इस दौरे के चलते सन्नाटा पसरा हुआ है, जिससे अटकलों का दौर और तेज हो गया है।
अयोध्या पहुंचने के बाद नृपेंद्र मिश्र ने सबसे पहले हनुमानगढ़ी और रामलला के दर्शन किए। इसके बाद उन्होंने मंदिर निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। सूत्रों के अनुसार, उन्होंने निर्माण कार्यों में लगी सभी कार्यदायी एजेंसियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। इस बैठक में निर्माण की गति, गुणवत्ता और भविष्य की योजनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई है।
मंदिर ट्रस्ट की व्यवस्थाओं को लेकर उठ रहे सवालों के बीच, नृपेंद्र मिश्र का बार-बार अयोध्या आना यह संकेत देता है कि निर्माण समिति अब प्रशासनिक और वित्तीय व्यवस्थाओं पर भी पैनी नजर रख रही है। SIT जांच की कार्यवाही और निर्माण समिति के अध्यक्ष की सक्रियता का सीधा असर ट्रस्ट के कामकाज पर पड़ सकता है।
क्या यह दौरा केवल निर्माण की समीक्षा तक सीमित है या आने वाले दिनों में ट्रस्ट की कार्यप्रणाली में कोई बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा? यह आने वाला समय ही बताएगा। फिलहाल, राम मंदिर परिसर में हर स्तर पर सुरक्षा और निर्माण की बारीकियों को लेकर अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए हैं।



