लखनऊ: उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव 2027 से पहले सपा-कांग्रेस गठबंधन में तनाव की खबरें तेजी से सामने आ रही हैं। सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद के एक बयान ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। मसूद ने सपा पर सीधा हमला करते हुए कहा कि, “सपा को बोलता हुआ मुसलमान बर्दाश्त नहीं होता।”
उन्होंने आगे दावा किया कि लोकसभा चुनाव में सपा को जो 37 सीटें मिली थीं, वह कांग्रेस के दम पर मिली थीं। उन्होंने जोर देकर कहा कि कांग्रेस को अब किसी वैशाखी की जरूरत नहीं है और राहुल गांधी के नेतृत्व में मुसलमान समुदाय तेजी से कांग्रेस की ओर जुड़ रहा है।
इस बयान पर समाजवादी पार्टी ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है। सपा प्रवक्ता फखरुल हसन ‘चांद’ ने इमरान मसूद पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें बीजेपी का एजेंट बताया। उन्होंने कहा कि मसूद को बीजेपी से ‘दाना’ मिल रहा है और कांग्रेस को ऐसे ‘जयचंदों’ से जल्द से जल्द छुटकारा पा लेना चाहिए।
इमरान मसूद के इस बयान और सपा की प्रतिक्रिया ने इंडिया गठबंधन के भविष्य पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या 2027 के चुनाव में सपा और कांग्रेस अलग-अलग राहें चुनेंगे? फिलहाल दोनों दलों के बीच का यह वाकयुद्ध गठबंधन की नींव को कमजोर करता दिख रहा है।



