उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित नगर निगम मुख्यालय पर सोमवार को उस समय भारी हंगामा खड़ा हो गया, जब पारा इलाके से पकड़ी गईं 243 भैंसों की नीलामी का विरोध करने सैकड़ों डेयरी संचालक पहुंच गए। नीलामी प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही आक्रोशित पशुपालक और डेयरी संचालक निगम मुख्यालय के परिसर में धरने पर बैठ गए। देखते ही देखते विरोध प्रदर्शन उग्र हो गया और मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
डेयरी संचालकों के इस प्रदर्शन को समर्थन देने के लिए समाजवादी पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में नगर निगम मुख्यालय पहुंच गए। प्रदर्शनकारियों और सपा कार्यकर्ताओं ने मिलकर मुख्यालय के बाहर सड़क पर जाम लगा दिया और नगर निगम प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन की वजह से आसपास के रास्तों पर यातायात बुरी तरह बाधित हो गया।
स्थिति को बिगड़ता देख मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए प्रदर्शन कर रहे सपा कार्यकर्ताओं और पशुपालकों को हिरासत में ले लिया। काफी देर तक चले इस हंगामे के बाद पुलिस प्रशासन ने सभी प्रदर्शनकारियों को बसों में भरकर इको गार्डन भेज दिया। वहीं, डेयरी संचालकों ने आरोप लगाया है कि नगर निगम जबरन उनकी आजीविका पर हमला कर रहा है और 243 भैंसों की नीलामी को तुरंत रद्द किया जाना चाहिए।



