डेस्क : प्रतापगढ़ में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में बड़े फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। कुंडा तहसील क्षेत्र में फर्जी पंजीकरण कराकर करीब 3.15 अरब रुपये के घोटाले का खुलासा हुआ है। मामले की जांच कृषि निदेशालय दिल्ली और केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) की जांच में सामने आई है।
घपले में इस्तेमाल किए गए करीब 1700 आईपी एड्रेस संदिग्ध पाए गए
जांच में पता चला है कि करीब साढ़े 4 लाख लोगों ने किसान सम्मान निधि योजना के लिए फर्जी तरीके से पंजीकरण कराया था। इस घोटाले में प्रतापगढ़ के अलावा कौशांबी, प्रयागराज, अमेठी और सुल्तानपुर के लोगों के नाम भी सामने आए हैं।जांच के दौरान यह भी खुलासा हुआ कि घपले में इस्तेमाल किए गए करीब 1700 आईपी एड्रेस संदिग्ध पाए गए हैं। ये सभी पंजीकरण प्रधानमंत्री किसान पोर्टल पर वर्ष 2019-2020 के दौरान किए गए थे।
जिलाधिकारी ने पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर एफआईआर दर्ज करने के लिए कहा
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रतापगढ़ के जिलाधिकारी ने पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर एफआईआर दर्ज करने के लिए कहा है। वहीं अभी भी 65,924 किसान जांच के दायरे में हैं।सबसे बड़ा सवाल सत्यापन प्रक्रिया पर उठ रहा है। आरोप है कि लापरवाही के चलते फर्जी पंजीकरण कराने वाले लोगों को भी पात्र मान लिया गया और उन्हें योजना का लाभ मिल गया।
प्रशासन अब घोटाले में शामिल लोगों की पहचान कर कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। साथ ही फर्जी तरीके से लाभ लेने वालों से रिकवरी की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है।



