डेस्क : देहरादून-दिल्ली ग्रीन एक्सप्रेस-वे पर उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की बसों के संचालन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। उत्तराखंड रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद ने UP रोडवेज की 26 अतिरिक्त ट्रिप देने के प्रस्ताव का विरोध किया है और इसे उत्तराखंड परिवहन निगम के हितों के खिलाफ बताया है।
संगठन ने चेतावनी दी है कि अगर मांगों पर विचार नहीं किया गया तो आंदोलन किया जाएगा
परिषद ने उत्तराखंड परिवहन निगम प्रबंधन को नोटिस भेजकर 24 अगस्त को होने वाली प्रस्तावित बैठक को रद्द करने और ग्रीन एक्सप्रेस-वे पर अतिरिक्त ट्रिप का समय नहीं देने की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि अगर मांगों पर विचार नहीं किया गया तो आंदोलन किया जाएगा।
परिषद का कहना है कि उत्तराखंड परिवहन निगम पहले से ही इस रूट पर वोल्वो, एसी और अन्य बस सेवाएं संचालित कर रहा है। संगठन के मुताबिक इस मार्ग से निगम को रोजाना करीब 40 लाख रुपये की आय हो रही है।
UP रोडवेज को अतिरिक्त समय देने से उत्तराखंड निगम की आय प्रभावित होगी
कर्मचारी संगठन का दावा है कि UP रोडवेज को अतिरिक्त समय देने से उत्तराखंड निगम की आय प्रभावित होगी। परिषद ने यह भी सवाल उठाया कि ग्रीन एक्सप्रेस-वे पर UP रोडवेज की बसों के लिए कोई बस स्टेशन या निर्धारित स्टॉप नहीं है, जबकि इन बसों का मुख्य उद्देश्य उत्तराखंड से दिल्ली तक यात्रियों को पहुंचाना है।
परिषद ने इसे दोनों राज्यों के बीच हुए परिवहन समझौते की भावना के विपरीत बताया है। संगठन ने अन्य रूटों पर बस संचालन से जुड़े विवादों का भी हवाला दिया है।वहीं परिषद ने उत्तराखंड परिवहन निगम कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति का मुद्दा भी उठाया है। संगठन का कहना है कि कर्मचारियों को जून और जुलाई 2026 का वेतन अब तक नहीं मिला है, जिससे उनमें नाराजगी बढ़ रही है।
परिषद ने मांग की है कि ग्रीन एक्सप्रेस-वे पर UP रोडवेज की अतिरिक्त ट्रिप का प्रस्ताव वापस लिया जाए और दोनों राज्यों के बीच बस संचालन की व्यवस्था की समीक्षा कर समानता सुनिश्चित की जाए। मांग पूरी नहीं होने पर संगठन ने आंदोलन की चेतावनी दी



