बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए श्रावणी मेले से जुड़े तमाम इंतज़ामों और विकास कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने भागलपुर, मुंगेर और बांका तक फैले लगभग 100 किलोमीटर लंबे इस धार्मिक मार्ग और क्षेत्र के लोगों के निरंतर सहयोग की सराहना की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि तीर्थयात्रियों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं, विभिन्न परियोजनाओं और विशेषकर पानी की कमी से जुड़ी समस्याओं का तुरंत समाधान किया जाए ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

समीक्षा बैठक के अलावा, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना के श्री कृष्ण मेमोरियल हॉल में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक कला को संरक्षण देने और कुम्हार (प्रजापति) समुदाय के कल्याण के लिए एक अहम घोषणा की। उन्होंने ऐलान किया कि पारंपरिक कला को बढ़ावा देने के वास्ते अगले तीन महीनों के भीतर राज्य में ‘माटी कला बोर्ड’ (टेराकोटा आर्ट बोर्ड) का गठन किया जाएगा। यह घोषणा अमर शहीद रामचंद्र विद्यार्थी की पुण्यतिथि और नवनिर्वाचित विधान परिषद सदस्यों के सम्मान में आयोजित कार्यक्रम के दौरान की गई।

सरकार का यह कदम न केवल ग्रामीण और पारंपरिक शिल्पकारों को आर्थिक मजबूती प्रदान करेगा, बल्कि सांस्कृतिक विरासत को भी सहेजने का काम करेगा। श्रावणी मेले के दौरान प्रशासनिक मुस्तैदी और जनता से जुड़े विकास कार्यों को लेकर मुख्यमंत्री लगातार सक्रिय नजर आ रहे हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने में मदद मिल रही है।

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