इस्लामाबाद/तेहरान: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची की पाकिस्तान यात्रा के बीच परमाणु वार्ता को लेकर चल रही अटकलों पर ईरान ने आधिकारिक रूप से विराम लगा दिया है। ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने स्पष्ट किया है कि विदेश मंत्री का यह दौरा केवल द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा तक सीमित है और परमाणु वार्ता इसमें शामिल नहीं है।
परमाणु वार्ता ईरान की ‘रेड लाइन’
इब्राहिम अजीजी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर स्पष्ट किया, “विदेश मंत्री अरागची का पाकिस्तान दौरा केवल द्विपक्षीय चर्चा के लिए है। परमाणु वार्ता हमारे लिए ‘रेड लाइन’ है और इस यात्रा के एजेंडे में इसका कोई स्थान नहीं है।”
अमेरिका के दावों और ईरान के बयान में विरोधाभास
यह स्पष्टीकरण व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलीन लेविट के उस बयान के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के दामाद जेरेड कुशनर और विशेष दूत स्टीव विटकोफ इस्लामाबाद जा रहे हैं ताकि ईरानी प्रतिनिधियों से परमाणु मुद्दों पर बात हो सके। लेविट ने दावा किया था कि “ईरानी पक्ष बात करना चाहता है।”
इसके विपरीत, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघेई ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया। बघेई ने कहा, “ईरान और अमेरिका के बीच किसी भी बैठक की कोई योजना नहीं है। विदेश मंत्री अरागची केवल पाकिस्तान के उच्च अधिकारियों के साथ क्षेत्रीय शांति और अमेरिका-इजरायल द्वारा थोपे गए युद्ध को समाप्त करने के प्रयासों पर चर्चा कर रहे हैं।”
क्या तेहरान में है नेतृत्व का संकट?
अमेरिकी थिंक टैंक ‘इंस्टीट्यूट फॉर द स्टडी ऑफ वॉर’ (ISW) की एक हालिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरान के भीतर वैचारिक मतभेद हैं। रिपोर्ट के अनुसार, IRGC कमांडर अहमद वहीदी का गुट संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गलीबाफ जैसे ‘व्यावहारिक’ नेताओं को बातचीत के लिए लचीला रुख अपनाने से रोक रहा है। हालांकि, ईरान ने शुक्रवार को राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन, स्पीकर गलीबाफ और न्यायपालिका प्रमुख मोहसेनी-एजेई की एक संयुक्त तस्वीर साझा कर अपनी एकता प्रदर्शित की है।



