ताइवान के टूरिज्म एडमिनिस्ट्रेशन ने ट्रैवल एजेंसियों को चीन जाने वाले टूरिस्ट ग्रुप्स की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उनकी यात्रा रजिस्टर करने के लिए कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह कदम बीजिंग द्वारा अपने बॉर्डर पार लोगों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए नए नियम लागू करने की योजना के बीच उठाया गया है। ताइवान की मेनलैंड अफेयर्स काउंसिल ने चेतावनी दी है कि इन नए बदलावों से चीन की यात्रा करने वाले ताइवानी नागरिकों की व्यक्तिगत सुरक्षा पर जोखिम बढ़ सकता है।
काउंसिल ने विशेष रूप से कमजोर माने जाने वाले यात्रियों को सलाह दी है कि वे चीन की यात्रा करने से पहले यह अच्छी तरह सोच लें कि उनका दौरा कितना आवश्यक है। इसके साथ ही, ताइवानी पर्यटकों को सरकार के आधिकारिक रजिस्ट्रेशन सिस्टम के जरिए अपनी यात्रा की योजना दर्ज करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे किसी भी आपात स्थिति में सरकार तेजी से सहायता पहुंचा सके। टूरिज्म एडमिनिस्ट्रेशन ने ट्रैवल एजेंसियों को निर्देश भेजा है कि वे स्टडी टूर, एक्सचेंज प्रोग्राम और खुद से तय की गई ग्रुप ट्रिप के लिए रवाना होने से पहले चेकलिस्ट पूरी करें।
नए निर्देशों के तहत एजेंसियों को यात्रियों को चीन यात्रा से जुड़े संभावित जोखिमों से अवगत कराना होगा और सरकारी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को पूरा करने में मदद देनी होगी। दूसरी ओर, चीन और ताइवान के बीच का यह भू-राजनीतिक तनाव ऐतिहासिक और राजनीतिक तर्कों पर आधारित है, जहां बीजिंग ताइवान को अपना हिस्सा मानता है, जबकि ताइवान अपनी स्वतंत्र लोकतांत्रिक पहचान और अर्थव्यवस्था के साथ अलग कार्य करता है।



