सहारनपुर के रामपुर मनिहारान में राष्ट्रीय लोकदल की स्वाभिमान रैली में रालोद अध्यक्ष और केंद्रीय राज्यमंत्री जयंत चौधरी ने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने किसानों, गन्ने के भाव, एथेनॉल नीति और चीनी की कीमतों जैसे मुद्दों पर अपनी बात रखी। जयंत चौधरी ने कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन यानी NDA मजबूत है और आगे भी मजबूत रहेगा। रैली के जरिए उन्होंने संगठन और कार्यकर्ताओं को आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए तैयार रहने का संदेश दिया।

किसान बहुमत में, लेकिन राजनीतिक ताकत मजबूत होनी चाहिए

जयंत चौधरी ने कहा कि देश में किसानों की संख्या और उनका प्रभाव बड़ा है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में किसानों की आवाज को मजबूत तरीके से उठाने की जरूरत है। उन्होंने किसानों से अपने हितों की लड़ाई के लिए मजबूत प्रतिनिधित्व चुनने की अपील की। साथ ही कार्यकर्ताओं से संगठन को और सक्रिय करने तथा गांव-गांव तक पार्टी की पहुंच मजबूत करने का आह्वान किया।

योगी सरकार की तारीफ, किसानों के लिए बताया नरम दिल

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जिक्र करते हुए जयंत चौधरी ने कहा कि कानून व्यवस्था और गलत काम करने वालों के प्रति मुख्यमंत्री सख्त हो सकते हैं, लेकिन किसानों के मुद्दों पर उनका रुख संवेदनशील है। उन्होंने गन्ना मूल्य और किसानों से जुड़े मामलों का उदाहरण देते हुए कहा कि सरकार किसानों के हितों से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से सुनती है।

गन्ने के मुद्दे पर विपक्ष को रसगुल्ले वाला तंज

रैली के दौरान जयंत चौधरी ने गन्ना किसानों के मुद्दे को लेकर विपक्ष पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि विपक्ष उपभोक्ताओं के लिए चीनी, रसगुल्ले और गुलाब जामुन की कीमतों पर चर्चा करता है, लेकिन किसान की लागत और उसकी आय को पर्याप्त महत्व नहीं देता। उन्होंने तंज भरे अंदाज में कहा कि विपक्ष को गन्ना किसानों के हितों पर भी गंभीरता से अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

खांडसारी और कोल्हू पर किसानों के विकल्प का मुद्दा

जयंत चौधरी ने गन्ना नियंत्रण आदेश में प्रस्तावित बदलाव का जिक्र करते हुए कहा कि चीनी मिलों के आसपास कोल्हू और खांडसारी इकाइयों से जुड़े प्रावधान किसानों के विकल्पों को प्रभावित कर सकते थे। उन्होंने कहा कि जब किसानों को चीनी मिलों से भुगतान में देरी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है तो कोल्हू और खांडसारी इकाइयां उनकी फसल बेचने का वैकल्पिक माध्यम बनती हैं। उनके अनुसार किसानों की राय के बाद प्रस्ताव पर पुनर्विचार किया गया।

किसानों के सुझावों को नीति तक पहुंचाने का दावा

जयंत चौधरी ने कहा कि गन्ना नियंत्रण आदेश में बदलाव को लेकर किसानों से सुझाव लिए गए और बड़ी संख्या में राय सामने आई। उन्होंने दावा किया कि किसानों के सुझावों को प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंचाया गया है। उन्होंने इसे नीति निर्माण में किसानों की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया और कहा कि सरकार को किसानों की जरूरतों के अनुसार फैसले लेने चाहिए।

गन्ना उत्पादन और भुगतान के आंकड़ों से सरकार का पक्ष

रालोद अध्यक्ष ने उत्तर प्रदेश में गन्ना उत्पादन बढ़ने और किसानों की आय में सुधार का दावा किया। उन्होंने कहा कि नई किस्मों और आधुनिक खेती के तरीकों को अपनाने से उत्पादन और रिकवरी में बदलाव आया है। साथ ही उन्होंने गन्ना किसानों को बड़े पैमाने पर सीधे भुगतान किए जाने का जिक्र करते हुए इसे किसान हित में सरकार की नीतियों का परिणाम बताया।

गन्ने का भाव भी 400 पार होना चाहिए

जयंत चौधरी ने अपने पुराने चुनावी नारे का भी उल्लेख किया और कहा कि गन्ना किसानों को उनकी मेहनत और लागत के अनुरूप बेहतर मूल्य मिलना चाहिए। उन्होंने संकेत दिया कि गन्ना मूल्य का मुद्दा आने वाले समय में भी उनकी राजनीति और किसान एजेंडे का प्रमुख हिस्सा रहेगा।

एथेनॉल नीति पर विपक्ष को घेरा

एथेनॉल के मुद्दे पर जयंत चौधरी ने कहा कि मक्का, धान और गन्ने से एथेनॉल उत्पादन किसानों के लिए अतिरिक्त बाजार तैयार कर सकता है। उनके मुताबिक इससे देश की ऊर्जा जरूरतों में भी योगदान मिल सकता है। उन्होंने एथेनॉल नीति के विरोध पर सवाल उठाते हुए कहा कि किसानों के लिए फसल बेचने के विकल्प बढ़ना उनके हित में है।

NDA को लेकर दिया साफ संदेश

रैली के अंत में जयंत चौधरी ने गठबंधन की राजनीति पर बड़ा संदेश देते हुए कहा कि NDA मजबूत है और आगे भी मजबूत रहेगा। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता गांवों, किसानों, युवाओं और छोटे उद्यमियों के लिए बेहतर अवसर तैयार करना है। सहारनपुर की स्वाभिमान रैली से जयंत का यह संदेश पश्चिमी यूपी की राजनीति और आगामी चुनावी समीकरणों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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