चीन और ताइवान के बीच चल रहे तनाव के बीच एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय खबर सामने आ रही है। विदेशी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ताइवान के अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि चीन द्वारा लागू किए जा रहे कई नए और संशोधित सुरक्षा कानूनों के कारण वहां यात्रा करने वाले या बिजनेस करने वाले ताइवानी नागरिकों और निवेशकों के लिए अनिश्चितता और जोखिम काफी बढ़ गया है। बीजिंग द्वारा सूचना, आर्थिक गतिविधियों, सीमा पार आवाजाही और घरेलू संसाधनों पर लगातार नियंत्रण मजबूत किया जा रहा है, जिससे ताइवानी समुदाय में गहरी चिंता का माहौल है।

रिपोर्ट के मुताबिक, चीन में कई कड़े कानून या तो लागू हो चुके हैं या फिर जल्द ही लागू होने वाले हैं। इनमें 1 जुलाई को लागू हुआ ‘एथनिक यूनिटी एंड प्रोग्रेस प्रमोशन लॉ’ और इंटरनेट सेवाओं को नियंत्रित करने वाले ड्राफ्ट रेगुलेशन शामिल हैं। इसके अलावा, नए एग्जिट-एंड-एंट्री रेगुलेशन और 1 अक्टूबर से प्रभावी होने वाले संशोधित ‘नेशनल डिफेंस मोबिलाइजेशन लॉ’ तथा नए साइबरस्पेस सिक्योरिटी इंस्पेक्शन उपाय इस स्थिति को और गंभीर बनाते हैं। क्रॉस-स्ट्रेट मामलों के जानकारों का मानना है कि बीजिंग अब नेशनल सिक्योरिटी की परिभाषा का दायरा बहुत व्यापक कर रहा है, जो पारंपरिक सुरक्षा से आगे बढ़कर अब व्यापार, वित्त, सूचना और आम नागरिकों की आवाजाही तक फैल चुका है।

ताइवान की मेनलैंड अफेयर्स काउंसिल का कहना है कि इन व्यापक नियमों के कारण चीनी अधिकारियों को यह तय करने में अत्यधिक छूट मिल जाएगी कि कौन सी गतिविधि उनके हितों के खिलाफ है। इसके तहत अधिकारियों को किसी भी संदिग्ध व्यक्ति के खिलाफ जांच, पूछताछ और तलाशी लेने का कानूनी आधार मिल जाता है। नए फ्रेमवर्क के तहत स्थानीय स्तर पर भी प्रवर्तन एजेंसियों को और अधिक अधिकार दिए गए हैं। उदाहरण के लिए, पब्लिक सिक्योरिटी एजेंसियां ​​अब साइबर सिक्योरिटी उपायों के तहत लोगों के मोबाइल फोन और लैपटॉप जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की भी जांच कर सकती हैं।

सबसे बड़ी चिंता का विषय संशोधित ‘नेशनल डिफेंस मोबिलाइजेशन लॉ’ है, जिसके तहत अधिकारियों को जरूरत पड़ने पर प्राइवेट प्रॉपर्टी तक जब्त करने की अनुमति मिल जाएगी। यह कानून चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (CCP) के नेतृत्व को मजबूत करने और नागरिक आर्थिक व तकनीकी संसाधनों को राष्ट्रीय रक्षा के साथ जोड़ने पर विशेष जोर देता है। ताइवानी प्रशासन ने अपने नागरिकों को चीन यात्रा के दौरान इन तमाम जोखिमों को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है।

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