भारतीय सिनेमा के सुनहरे दौर (Golden Era) में कई ऐसे कलाकार आए जिन्होंने अपनी छोटी सी भूमिकाओं से भी दर्शकों के दिलों पर गहरी छाप छोड़ी। बॉलीवुड की मशहूर ‘कैबरे क्वीन’ हेलेन के नाम और काम से तो हर कोई वाकिफ है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक वक्त ऐसा भी था जब एक अन्य डांसर हेलेन को कड़ी टक्कर देते हुए ‘दूसरी हेलेन’ बनने की राह पर थी? हम बात कर रहे हैं 60 के दशक की मशहूर बैकग्राउंड डांसर एडविना वायलेट (Edwina Violet) की, जिन्होंने अपने बेहतरीन डांस और अदाओं से सिनेमाप्रेमियों को दीवाना बना दिया था।
एडविना ने अपने करियर में 200 से अधिक फिल्मों में बतौर बैकग्राउंड डांसर काम किया और शशि कपूर व हेलेन जैसे दिग्गजों के साथ स्क्रीन साझा की। साल 1957 के आसपास हिंदी सिनेमा में कदम रखने वाली एडविना ने 1961 की फिल्म ‘वजीर-ए-आजम’ के गाने ‘कहे क्या नजर से नजर’ पर अपनी शानदार सोलो परफॉर्मेंस से तहलका मचा दिया था। मशहूर निर्देशक शक्ति सामंत ने उनके टैलेंट को पहचाना और उन्हें कई बेहतरीन मौके दिए, जिससे वे इंडस्ट्री में अपनी एक अलग पहचान बनाने में कामयाब रहीं।
जब अचानक छोड़नी पड़ी फिल्म इंडस्ट्री
लेखिका मधुल्लिका लिडल और प्रोफेसर सुरजीत सिंह (जिन्होंने ‘एडविना: एन अनसंग बॉलीवुड डांसर ऑफ द गोल्डन एरा’ किताब लिखी है) के अनुसार, एडविना में इतनी क्षमता थी कि वह न केवल हेलेन के मुकाम तक पहुंच सकती थीं, बल्कि एक बेहतरीन कोरियोग्राफर भी बन सकती थीं। हालांकि, साल 1967 में उनके पति कीथ (Keith) यूके (UK) चले गए, जिसके बाद एडविना भी अपने चार बच्चों के साथ पति के पास ब्रिटेन शिफ्ट हो गईं। परिवार और पति के साथ जाने के इस एक फैसले ने उनके चमकते हुए फिल्मी करियर का हमेशा के लिए अंत कर दिया।
क्या एडविना को था अपने फैसले पर पछतावा?
फिल्मों से दूर होने के बाद एडविना ने एक इंटरव्यू में अपने मानसिक संघर्ष को बयां करते हुए कहा था कि यह फैसला उनके लिए बिल्कुल भी आसान नहीं था। उन्होंने कहा था कि उन्हें शोहरत या दौलत की चाहत नहीं थी, वह बस वही करना चाहती थीं जो उन्हें सबसे ज्यादा पसंद था—यानी डांस। हालांकि, फरवरी में 82 वर्ष की आयु में इस दुनिया को अलविदा कह चुकीं एडविना ने माना था कि उन्होंने वही रास्ता चुना जो वे चुनना चाहती थीं और अंततः उन्हें इस बात का कोई मलाल नहीं था।



