उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में नौकरी के नाम पर 16 लाख रुपये की ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में खैरागढ़ से विधायक के भाई विजयपाल सिंह कुशवाहा समेत 6 लोगों के खिलाफ लोहामंडी थाने में धोखाधड़ी और जालसाजी का मुकदमा दर्ज किया गया है। एसीपी लोहामंडी की विस्तृत जांच रिपोर्ट के बाद पुलिस ने यह कानूनी कार्रवाई की है।

बता दें, मामला एक युवती को सरकारी नौकरी दिलाने का है, जिससे आरोपियों ने कुल 16 लाख रुपये ऐंठ लिए थे। ठगी को असली का रूप देने के लिए जालसाजों ने युवती को एक फर्जी नियुक्ति पत्र थमा दिया और सेटिंग के जरिए हाथरस जिला पंचायत कार्यालय में उसकी फर्जी जॉइनिंग भी करा दी। हैरानी की बात यह है कि पीड़ित युवती करीब ढाई महीने तक बेफिक्र होकर हाथरस जिला पंचायत कार्यालय में नौकरी करती रही और उसे फर्जीवाड़े की भनक तक नहीं लगी।

जालसाजी का भंडाफोड़ तब हुआ जब आरोपियों ने युवती को रायबरेली ट्रांसफर किए जाने की बात कही। रायबरेली में कागजों की पड़ताल के दौरान अधिकारियों ने नियुक्ति पत्र के फर्जी होने का खुलासा किया। धोखाधड़ी का अहसास होने पर पीड़िता ने पुलिस से शिकायत की। एसीपी लोहामंडी द्वारा कराई गई जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद लोहामंडी पुलिस ने विधायक के भाई विजयपाल सिंह कुशवाहा और उनके 5 अन्य साथियों पर एफआईआर दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

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