कानपुर नगर निगम में विकास कार्यों और अरबों रुपये के फंड्स के इस्तेमाल को लेकर उठ रहे सवालों के बीच नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय शहर की बदहाली का जायजा लेने सड़कों पर उतरे। टूटी सड़कों, चोक नालों और जगह-जगह फैले कूड़े के अंबार के बीच नगर आयुक्त भारी पुलिस बल, पुलिस गनरों और प्राइवेट सिक्योरिटी गार्ड्स के सुरक्षा घेरे में निरीक्षण करते नजर आए।
बता दें, शहर में नागरिक सुविधाओं की खस्ताहाल स्थिति और सड़कों के गड्ढों को लेकर स्थानीय जनता में नाराजगी देखने को मिल रही है। इस निरीक्षण की तस्वीरें नगर निगम के आधिकारिक X (ट्विटर) हैंडल से भी पोस्ट की गई हैं, जिसके बाद प्रशासनिक कार्यशैली और करोड़ों रुपये के ठेकों के क्रियान्वयन पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
अन्य कैडर से उत्तर प्रदेश आए आईएएस अधिकारी अर्पित उपाध्याय की अगुवाई में हुए विकास कार्यों और बजट आवंटन को लेकर अब पारदर्शी जांच की मांग की जा रही है। जनता के भारी विरोध की आशंका के बीच जिस तरह भारी सुरक्षा के साथ अधिकारी सड़कों का जायजा ले रहे हैं, उसने शहर के प्रशासनिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है।



