अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (AGEL) ने 20 गीगावाट (GW) से अधिक की ऑपरेशनल रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता हासिल कर ली है। यह उपलब्धि हासिल करने वाली यह भारत की पहली रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी बन गई है, जिसने मुख्य रूप से ग्रीनफील्ड डेवलपमेंट के जरिए यह मील का पत्थर पार किया है।

कंपनी हर साल 52 अरब यूनिट से अधिक स्वच्छ बिजली का उत्पादन कर रही है, जो भारत की कुल बिजली खपत का लगभग 3 प्रतिशत है। यह इतनी ऊर्जा है कि इससे न्यूयॉर्क शहर या मुंबई और नई दिल्ली दोनों को मिलाकर एक साल तक बिजली दी जा सकती है।

कंपनी ने यह उपलब्धि 2016 में तमिलनाडु के कामुती में अपने पहले प्रोजेक्ट के बाद महज एक दशक में हासिल की है। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी ने 5,051 मेगावाट नई क्षमता जोड़ी, जो किसी भी कंपनी द्वारा (चीन को छोड़कर) एक साल में सबसे बड़ी वृद्धि है।

अदाणी ग्रीन एनर्जी के कार्यकारी निदेशक सागर अदाणी ने कहा कि 20 GW का यह आंकड़ा अनुशासित निष्पादन और दीर्घकालिक दृष्टिकोण का परिणाम है।

कंपनी के अनुसार, इसका 20 GW पोर्टफोलियो लगभग 90 लाख घरों को बिजली देने के बराबर है और हर साल करीब 3.7 करोड़ टन कार्बन उत्सर्जन कम करता है। यह लगभग 177 करोड़ पेड़ों द्वारा कार्बन अवशोषण के बराबर है।

कंपनी की मौजूदा क्षमता में 14.2 GW सोलर, 2.7 GW विंड और 3.3 GW विंड-सोलर हाइब्रिड शामिल हैं। इसके अलावा कंपनी ने 3.55 GWh बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) भी स्थापित किया है, जो दुनिया में चीन के बाहर सबसे बड़ा है।

गुजरात के कच्छ स्थित खावड़ा प्रोजेक्ट कंपनी के अगले विस्तार का केंद्र है, जहां 30 GW क्षमता का दुनिया का सबसे बड़ा रिन्यूएबल एनर्जी प्लांट विकसित किया जा रहा है।

कंपनी का लक्ष्य 2030 तक 50 GW रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता हासिल करना है और आने वाले वर्षों में बड़े पैमाने पर बैटरी स्टोरेज विस्तार करना है।

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