कॉर्पोरेट और बैंकिंग जगत से इस वक्त की एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। देश के सबसे बड़े प्राइवेट सेक्टर के बैंक एचडीएफसी के शीर्ष प्रबंधन में बड़ा बदलाव हुआ है। एचडीएफसी बैंक के बोर्ड ने भारत के पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) और पूर्व वित्त सचिव राजीव कुमार को अगले 3 साल के लिए बैंक का नया चेयरमैन नियुक्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

1984 बैच के IAS अधिकारी हैं राजीव कुमार, प्रशासनिक अनुभव का मिलेगा लाभ
राजीव कुमार भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के 1984 बैच के बेहद प्रतिष्ठित पूर्व अधिकारी रहे हैं। अपने शानदार करियर के दौरान उन्होंने भारत सरकार के वित्त सचिव के रूप में देश की वित्तीय नीतियों को दिशा दी है। इसके बाद उन्होंने भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण संवैधानिक पद की जिम्मेदारी भी संभाली। बैंकिंग और कॉर्पोरेट गवर्नेंस के जानकारों का मानना है कि राजीव कुमार के इस विशाल प्रशासनिक और वित्तीय अनुभव का सीधा फायदा देश के सबसे बड़े निजी बैंक को अपनी साख और परिचालन को और मजबूत करने में मिलेगा।

अतनु चक्रवर्ती के अचानक इस्तीफे के बाद आया फैसला
एचडीएफसी बैंक का यह फैसला एक ऐसे संवेदनशील समय पर आया है, जब बैंक पिछले कुछ समय से लगातार चर्चाओं में था। दरअसल, बैंक के पूर्व चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती ने अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद बैंक को कई तरह की कानूनी समीक्षाओं और प्रशासनिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा। इस अचानक पैदा हुए शून्य को भरने और निवेशकों के भरोसे को डिगने से बचाने के लिए बैंक बोर्ड ने राजीव कुमार के नाम पर मुहर लगाई है। अब आरबीआई और शेयरधारकों की औपचारिक मंजूरी के बाद राजीव कुमार आधिकारिक तौर पर कार्यभार संभालेंगे, जिससे बैंक में स्थिरता और पारदर्शिता का एक नया दौर शुरू होने की उम्मीद है।

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