अंबेडकरनगर। उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर जिले से प्रशासनिक लापरवाही और आर्थिक तंगी की दर्दनाक तस्वीर सामने आई है। अलीगंज थाना क्षेत्र के गांव खासपुर के परिषदीय विद्यालय में तैनात एक पीआरडी यानी प्रांतीय रक्षक दल के जवान ने स्कूल के कमरे के अंदर फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। कमरा अंदर से बंद था। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शव बाहर निक ाला। पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। साथी पीआरडी जवानों का आरोप है कि पिछले पांच महीनों से मानदेय यानी वेतन न मिलने के कारण मृतक जवान भारी आर्थिक तंगी से गुजर रहा था।

कैसे हुई यह घटना?

जानकारी के अनुसार, अलीगंज थाना क्षेत्र के गांव रायपुर निवासी वीरेंद्र प्रताप 35 साल के थे और पीआरडी में काम करते थे। उनकी तैनाती खासपुर के परिषदीय विद्यालय में सुरक्षा के लिए हुई थी। शुक्रवार रात वे रोजाना की ड्यूटी पर स्कूल गए थे। उनके साथ एक और पीआरडी जवान की भी ड्यूटी थी, लेकिन वह उस रात नहीं आया। शनिवार सुबह ग्रामीणों ने स्कूल के कमरे में वीरेंद्र का शव फंदे से लटकता देखा तो इलाके में सनसनी फैल गई। कमरा अंदर से बंद था। ग्रामीणों ने तुरंत अलीगंज थाने को सूचना दी। पुलिस ने पहुंचकर दरवाजा तुड़वाया और शव कब्जे में लिया।

5 महीने से नहीं मिला मानदेय, कह दिया था- आत्महत्या कर लूंगा

मौके पर पहुंचे साथी पीआरडी जवान राकेश ने व्यवस्था पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने बताया कि अप्रैल महीने से लगातार ड्यूटी लग रही है, लेकिन पांच महीने बीत जाने के बाद भी अभी तक एक पैसे का वेतन या मानदेय नहीं मिला। इसी वजह से सभी जवान बहुत परेशान हैं। राकेश ने कहा कि वीरेंद्र ने कुछ दिन पहले ही उनसे अपना दर्द बताया था और कहा था कि अगर जल्द मानदेय नहीं मिला तो वह आत्महत्या कर लेगा।

मृतक वीरेंद्र अपने पीछे पत्नी और चार छोटे-छोटे बच्चों को छोड़ गए हैं। घटना के समय उनकी पत्नी मायके में थीं। अचानक हुई मौत से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

पुलिस प्रशासन का बयान

अलीगंज थाना प्रभारी सुनील पांडे ने बताया कि मृतक वीरेंद्र प्रताप पीआरडी जवान थे और स्कूल में उनकी ड्यूटी लगी हुई थी। शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और परिजनों व विभागीय अधिकारियों से बातचीत के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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