उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग को शर्मसार करने वाला एक बड़ा मामला सामने आया है, जहाँ अयोध्या साइबर सेल में तैनात चार पुलिसकर्मियों को राजस्थान के सीकर जिले में एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया है। बताया जा रहा है कि ये सभी आरोपी एक मामले को खत्म करने के एवज में 2.80 लाख रुपये की मोटी रकम बतौर रिश्वत लेने के लिए विशेष तौर पर सीकर पहुंचे थे।
भ्रष्टाचार की इस पुख्ता शिकायत पर कार्रवाई करते हुए एसीबी की टीम ने ट्रैप बिछाया और चारों पुलिसकर्मियों को धर दबोचा। हालांकि, जैसे ही एसीबी की टीम ने उन्हें पकड़ा, आरोपियों ने अपनी गाड़ी से भागने की कोशिश की और इस दौरान उन्होंने एंटी करप्शन ब्यूरो की आधिकारिक गाड़ी को टक्कर भी मार दी। इसके बावजूद सतर्क एसीबी अधिकारियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए चारों आरोपियों को तुरंत हिरासत में ले लिया और उनसे कड़ाई से पूछताछ शुरू कर दी है।
पकड़े गए आरोपियों में एसआई यशवंत सिंह के अलावा कांस्टेबल गौरव, सोहनलाल और पवन त्रिपाठी शामिल हैं। इस सनसनीखेज घटना के सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस महकमे में भारी हड़कंप मच गया है। खाकी वर्दी पहनकर भ्रष्टाचार को अंजाम देने वाले इन पुलिसकर्मियों की इस हरकत से विभाग की छवि पर बड़ा सवालिया निशान लग गया है। फिलहाल, एसीबी इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस सिंडिकेट में और कौन-कौन शामिल था।



