अयोध्या में रामधन लूट प्रकरण को लेकर विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने जांच प्रक्रिया को और तेज और व्यापक करने की मांग की है। VHP के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने इस मामले में एक औपचारिक पत्र जांच अधिकारी आशुतोष तिवारी को भेजा है, जिसमें कई प्रमुख विपक्षी नेताओं से पूछताछ और उनके बयान दर्ज करने की मांग की गई है।
पत्र में कहा गया है कि राम जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावे में कथित चोरी और गबन को लेकर विभिन्न सार्वजनिक मंचों, टीवी चैनलों और सोशल मीडिया पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों को ध्यान में रखते हुए संगठन ने मांग की है कि जिन नेताओं ने इस मामले पर सार्वजनिक बयान दिए हैं, उनसे जांच एजेंसी विस्तृत पूछताछ करे।
जांच प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए
VHP ने विशेष रूप से प्रोफेसर रामगोपाल यादव, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, AAP सांसद संजय सिंह और कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा के नाम का उल्लेख किया है। पत्र में कहा गया है कि इन सभी नेताओं ने मीडिया में इस प्रकरण को लेकर जो टिप्पणियां की हैं, उनका तथ्यात्मक आधार, सूचना का स्रोत और उनके पास मौजूद दस्तावेज या प्रमाण जांच एजेंसी के सामने रखे जाएं।
जांच प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए
आलोक कुमार ने पत्र में यह भी मांग की है कि जांच प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार की अफवाह या राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप की स्थिति स्पष्ट हो सके। उन्होंने कहा कि यदि सार्वजनिक हस्तियां किसी गंभीर आरोप को उठाती हैं, तो उनकी जिम्मेदारी बनती है कि वे उसके समर्थन में साक्ष्य भी प्रस्तुत करें।
इस पत्र के सामने आने के बाद राजनीतिक और धार्मिक हलकों में इस मामले को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। अब निगाहें जांच एजेंसी की आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।



