देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा ‘नीट’ (NEET) पेपर लीक मामले में एक ऐसा सनसनीखेज खुलासा हुआ है, जिसने देश की पूरी शिक्षा प्रणाली और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की सुरक्षा व्यवस्था को हिलाकर रख दिया है। मामले में गिरफ्तार किए गए प्रोफेसर पी.वी. कुलकर्णी (PV Kulkarni) को लेकर जांच एजेंसियों के हाथ बेहद चौंकाने वाले सबूत लगे हैं। जिस प्रोफेसर पर परीक्षा की गोपनीयता बनाए रखने की जिम्मेदारी थी, वही इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड निकला।
जांच में सामने आया है कि प्रोफेसर कुलकर्णी पिछले कई सालों से NEET का प्रश्नपत्र तैयार करने वाले बेहद गोपनीय पैनल का सक्रिय हिस्सा था। पैनल में होने के कारण उसकी प्रश्नपत्रों तक सीधी और आसान पहुंच थी। जांच एजेंसियों के मुताबिक, कुलकर्णी पुणे में अपनी एक प्राइवेट कोचिंग क्लास चलाता था। वह इसी कोचिंग के छात्रों को मोटी रकम के बदले परीक्षा में आने वाले महत्वपूर्ण सवाल पहले ही बता देता था।
इस बड़े खुलासे के बाद अब सीधे तौर पर NTA की सुरक्षा और गोपनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। छात्र और अभिभावक हैरान हैं कि जो व्यक्ति पेपर का ‘पहरेदार’ था, वही सेंधमारी कर रहा था। फिलहाल जांच एजेंसियां इस बात का पता लगा रही हैं कि प्रोफेसर कुलकर्णी ने अब तक कितने छात्रों को पेपर लीक किया और इस रैकेट में NTA के कौन-से अन्य अधिकारी शामिल हैं।



