दिल्ली: देश की सबसे बड़ी चिकित्सा प्रवेश परीक्षा ‘नीट’ (NEET) को लेकर केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और कानून प्रवर्तन एजेंसियों की कार्रवाई तेज हो गई है। इस सिलसिले में महाराष्ट्र और देश की राजधानी दिल्ली से दो बेहद बड़ी गिरफ्तारियां और खुलासे सामने आए हैं। महाराष्ट्र में जहां पेपर लीक के मास्टरमाइंड को दबोचा गया है, वहीं दिल्ली में नीट के नाम पर दाखिला दिलाने वाले एक बड़े फर्जीवाड़ा गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है।
पेपर लीक का मास्टरमाइंड पीवी कुलकर्णी गिरफ्तार
नीट पेपर लीक मामले की जांच कर रही सीबीआई (CBI) को एक बड़ी कामयाबी मिली है। जांच एजेंसी ने इस पूरे खेल के मुख्य साजिशकर्ता पीवी कुलकर्णी को महाराष्ट्र से गिरफ्तार कर लिया है।
कौन है शातिर पीवी कुलकर्णी?
- लातूर में था लेक्चरर: गिरफ्तार आरोपी पीवी कुलकर्णी लातूर में केमिस्ट्री (रसायन विज्ञान) का लेक्चरर था।
- NTA की प्रक्रिया से जुड़ाव: यह शातिर आरोपी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की परीक्षा प्रक्रिया से भी आंतरिक रूप से जुड़ा हुआ था।
- पुणे में कोचिंग नेटवर्क: कुलकर्णी अपने पुणे स्थित घर पर एक स्पेशल कोचिंग चलाता था। इस कोचिंग के जरिए वह छात्रों को परीक्षा के प्रश्न, उत्तर के विकल्प और उनके सही उत्तर लिखवाने का काम करता था।
मनीषा वाघमारे से पूछताछ के बाद हुई गिरफ्तारी
जांच एजेंसियों को पीवी कुलकर्णी तक पहुंचने में मनीषा वाघमारे से हुई पूछताछ के बाद बड़ी सफलता मिली। मनीषा वाघमारे से मिली अहम जानकारियों के आधार पर ही सीबीआई ने जाल बिछाकर मास्टरमाइंड कुलकर्णी को दबोच लिया।
नीट एडमिशन के नाम पर करोड़ों का फर्जीवाड़ा, डॉक्टर समेत 4 गिरफ्तार
दूसरी ओर, देश की राजधानी दिल्ली में एमबीबीएस (MBBS) पाठ्यक्रम में दाखिला दिलाने के नाम पर चल रहे एक बहुत बड़े फर्जीवाड़ा गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने इस गिरोह के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है।
मास्टरमाइंड और डॉक्टर सहित 4 आरोपी गिरफ्तार
मेडिकल सीटों के नाम पर ठगी करने वाले इस गिरोह के 4 प्रमुख आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पकड़े गए आरोपियों में इस रैकेट का मुख्य मास्टरमाइंड और एक डॉक्टर भी शामिल है। यह गिरोह मेडिकल की पढ़ाई करने के इच्छुक छात्रों को अपने जाल में फंसाता था।



