लखनऊ/फिरोजाबाद: उत्तर प्रदेश शासन ने फिरोजाबाद के जिलाधिकारी रमेश रंजन पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाने वाली टूंडला की तहसीलदार राखी शर्मा के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। शासन ने तहसीलदार को तत्काल प्रभाव से पदमुक्त करते हुए राजस्व परिषद मुख्यालय, लखनऊ से संबद्ध (अटैच) कर दिया है। साथ ही, उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई के आदेश भी जारी किए गए हैं।

मंडलायुक्त करेंगे पूरे प्रकरण की जांच

इस हाई-प्रोफाइल विवाद की गंभीरता को देखते हुए शासन ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच के निर्देश दिए हैं। विवादित जमीन और भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच अब लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत करेंगे। गौरतलब है कि जिस जमीन मामले में कलेक्ट्रेट कर्मचारियों पर कब्जे के आरोप लगे थे, उसकी जांच पूर्व में राखी शर्मा द्वारा की जा रही थी।

क्या है पूरा मामला?

आगरा की मूल निवासी और टूंडला में तैनात तहसीलदार राखी शर्मा का स्थानांतरण 16 अप्रैल को शिकोहाबाद तहसील के लिए किया गया था। इस आदेश के बाद तहसीलदार ने मोर्चा खोलते हुए एक वीडियो जारी किया और फिर शुक्रवार को तहसील परिसर में ही प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाकर जिलाधिकारी पर सनसनीखेज आरोप लगाए।

आईफोन और आईवॉच रिश्वत में देने का दावा

राखी शर्मा ने आरोप लगाया कि जिलाधिकारी रमेश रंजन ने उनसे रिश्वत के तौर पर 1.75 लाख रुपये का आईफोन और आईवॉच ली थी। उन्होंने दावा किया कि 4 नवंबर, 2025 की रात आगरा का एक शोरूम विशेष रूप से खुलवाकर यह फोन खरीदा गया था, जिसके बिल उनके पास सुरक्षित हैं। तहसीलदार के अनुसार, सैलरी न मिलने के बावजूद दबाव में उन्होंने फोन का इंतजाम किया, लेकिन डीएम अभी भी वही फोन इस्तेमाल कर रहे हैं।

यौन उत्पीड़न और मानसिक प्रताड़ना के संकेत

प्रेस वार्ता के दौरान महिला अधिकारी भावुक हो गईं और उन्होंने डीएम के साथ-साथ उनके ओएसडी शैलेंद्र शर्मा, पेशकार और सीआरए पर भी प्रताड़ित करने के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि उनके कुछ नैतिक और अनैतिक आदेशों को न मानने के कारण उन्हें परेशान किया जा रहा था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शिकायत करने पर उनकी 8 महीने तक सैलरी रोकी गई और हाईकोर्ट जाने पर उन्हें कैंप हाउस में 2 घंटे तक बंधक बनाकर याचिका वापस लेने का दबाव बनाया गया।

स्थानांतरण को बताया प्रतिशोध की कार्रवाई

तहसीलदार ने अपने तबादले की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उन्हें आधिकारिक पत्र मिलने से पहले ही उनकी जगह दूसरे तहसीलदार को भेज दिया गया। फिलहाल, तहसीलदार को लखनऊ अटैच किए जाने और उच्चस्तरीय जांच शुरू होने के बाद जिले के प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा हुआ है। मुख्यमंत्री कार्यालय भी इस पूरे प्रकरण पर नजर बनाए हुए है।

तहसीलदार राखी शर्मा के खिलाफ कड़ा एक्शन, राजस्व परिषद मुख्यालय भेजी गईं, जानें क्या है मामला?

शेयर करना
Exit mobile version