देश में विमानों की सुरक्षा और उड़ानों के दौरान आने वाली तकनीकी गड़बड़ियों को लेकर नागर विमानन मंत्रालय ने चौंकाने वाले आंकड़े जारी किए हैं। लोकसभा में नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल द्वारा साझा किए गए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के आंकड़ों के मुताबिक, देश में उड़ानों के दौरान गंभीर तकनीकी खामियों के मामलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, जिससे विमानन सुरक्षा पर सवाल खड़े होने लगे हैं।

सरकार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, अकेले साल 2025 में उड़ानों के दौरान कुल 889 गंभीर तकनीकी खामियां पाई गईं। इससे पहले साल 2024 में ऐसे मामलों की संख्या 692, साल 2023 में 487, साल 2022 में 528 और साल 2021 में 514 थी। आंकड़ों से साफ है कि पिछले कुछ वर्षों में विमानों में तकनीकी खराबी के मामलों में तेजी से इजाफा हुआ है। हालांकि, सरकार का कहना है कि सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू करने के लिए डीजीसीए का निगरानी तंत्र पूरी तरह सक्रिय है।

नियमों की अनदेखी करने वाली एयरलाइनों और मेंटेनेंस (MRO) इकाइयों पर कड़ी कार्रवाई भी की जा रही है। डीजीसीए ने साल 2025 में सुरक्षा उल्लंघनों के 42 मामलों में सख्त कार्रवाई की, जबकि 2024 में 31 मामलों पर एक्शन लिया गया था। सरकार हर साल अपनी वार्षिक निगरानी योजना (ASP) के तहत सुरक्षा ऑडिट और रैंप इंस्पेक्शन जैसी प्रक्रियाएं चलाती है ताकि यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता न हो सके।

कॉमनवेल्थ मेडलिस्ट संग PM Modi का वीडियो वायरल, खिलाड़ियों से खास अंदाज में मिले प्रधानमंत्री

शेयर करना
Exit mobile version