डेस्क : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की 12वीं बोर्ड परीक्षाओं की कॉपियों के डिजिटल मूल्यांकन (ऑनस्क्रीन मार्किंग प्रणाली) को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में चुनौती दी गई है। कॉपियों को कंप्यूटर स्क्रीन पर जांचने की इस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए हाईकोर्ट में एक याचिका दाखिल की गई है, जिस पर 29 मई को सुनवाई तय की गई है।

याचिकाकर्ता ने इस मामले में केंद्र सरकार, सीबीएसई (CBSE) और राज्य सरकार को पक्षकार बनाया है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि सीबीएसई ने इस डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली को बेहद जल्दबाजी में लागू किया है।

इसके साथ ही याचिका में यह आशंका भी जताई गई है कि बिना पूरी तैयारी के जल्दबाजी में अपनाई गई इस व्यवस्था से लाखों छात्रों के मूल्यांकन में गंभीर गड़बड़ी हो सकती है, जिससे उनका भविष्य प्रभावित होने का खतरा है। अदालत इस मामले में 29 मई को होने वाली सुनवाई के दौरान विचार करेगी।

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