मेरठ। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) के शिक्षक राव दानिश अली की हत्या के मुख्य आरोपी जुबैर को बुधवार तड़के एसटीएफ ने मुठभेड़ में मार गिराया। मेरठ के अलीपुर थाना क्षेत्र में एक बंद फैक्ट्री में छिपे जुबैर ने एसटीएफ टीम पर 20 राउंड फायरिंग की, जिसके जवाब में हुई कार्रवाई में उसके पेट और सीने में गोली लगी और जिला अस्पताल में इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। एसटीएफ के अनुसार, पिछले तीन दिनों में एनकाउंटर में मारा गया यह चौथा अपराधी है।
बंद फैक्ट्री में साथियों का कर रहा था इंतजार
एसटीएफ के एसपी (प्रभारी, मेरठ यूनिट) बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि एक लाख रुपये का इनामी अपराधी जुबैर मेरठ में एक बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की फिराक में है। सूचना के आधार पर एसटीएफ ने शहर से 12 किलोमीटर दूर अलीपुर थाना क्षेत्र में एक बंद फैक्ट्री को घेर लिया। जुबैर वहां अपने साथियों का इंतजार कर रहा था। एसपी सिंह ने बताया, एसटीएफ ने जब उसे घेरा तो उसने टीम पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में जुबैर के पेट और सीने में गोली लगी और वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
दोनों तरफ से चलीं 36 राउंड गोलियां
एसटीएफ के अनुसार, मुठभेड़ के दौरान दोनों तरफ से कुल 36 राउंड फायरिंग हुई। इसमें अकेले जुबैर ने 20 राउंड फायर किए। मुठभेड़ के बाद उसे तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। घटनास्थल से एसटीएफ ने एक बाइक, 32 बोर की दो पिस्टल और जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।
दिसंबर 2025 का AMU टीचर हत्याकांड
गौरतलब है कि 24 दिसंबर 2025 की रात करीब 8:45 बजे AMU के एबीके बॉयल स्कूल में कंप्यूटर शिक्षक राव दानिश अली की नृशंस हत्या कर दी गई थी। दानिश अली अपने दोस्तों के साथ कैनेडी हॉल पार्क में टहलने निकले थे। मौलाना आजाद लाइब्रेरी कैंटीन के पास नकाबपोश हमलावरों ने स्कूटी रोकी और कहा, “अब तो पहचानोगे मैं कौन हूं”, इसके बाद ताबड़तोड़ पांच गोलियां मार कर भाग निकले। गोली दानिश अली के सिर में लगी थी और मेडिकल कॉलेज ले जाने पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था। इस मामले में पुलिस ने जुबैर पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।
‘मुखबिरी’ के शक में रची थी हत्या की साजिश
पुलिस जांच में सामने आया था कि वर्ष 2018 में शाहबेज नामक युवक की हत्या हुई थी। जुबैर ने अपने भाइयों यासिर और फहद के साथ मिलकर इस हत्याकांड को अंजाम दिया था, जिसमें उसे 7 साल की सजा हुई थी। जुबैर को शक था कि दानिश अली ने इस मामले में उसके खिलाफ पुलिस को मुखबिरी की थी। इसी बदले की भावना से उसने दानिश अली की हत्या की साजिश रची थी।
11 साल का आपराधिक इतिहास, 24 मुकदमे दर्ज थे
मूल रूप से अलीगढ़ के थाना बरला क्षेत्र के नौशा गांव का रहने वाला जुबैर इस समय दिल्ली के शाहीन बाग में रह रहा था। उसने वर्ष 2015 में अपराध की दुनिया में कदम रखा और 2017 में मुनीर गैंग से जुड़ गया। बाद में उसने अपना अलग गैंग बना लिया और हथियारों की तस्करी में संलिप्त हो गया। उसके खिलाफ अलीगढ़ और दिल्ली में हत्या, लूट और आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं में कुल 24 आपराधिक मुकदमे दर्ज थे।
3 दिन में 4 एनकाउंटर
प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पिछले तीन दिनों में चार बदमाश एनकाउंटर में ढेर हो चुके हैं। सोमवार रात चंदौली पुलिस ने 26 घंटे के भीतर हत्या करने वाले साइको किलर गुरप्रीत सिंह को मुठभेड़ में मार गिराया था। वहीं, मंगलवार देर रात गाजियाबाद में कैश वैन से 27 लाख रुपये लूटने वाले बदमाश समीर और जुबैर को भी पुलिस ने एनकाउंटर में ढेर कर दिया था। अब बुधवार तड़के जुबैर का एनकाउंटर इस श्रृंखला की चौथी बड़ी कार्रवाई है।



