Sonbhadra: उत्तर प्रदेश की सोनभद्र पुलिस, एसओजी (SOG) और सर्विलांस टीम ने एक ऐसे शातिर अंतर्राज्यीय ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल कर लोगों की जिंदगी तबाह कर रहा था। पुलिस ने इस मामले में राजस्थान के भिवाड़ी क्षेत्र से गिरोह के 5 मुख्य अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है।

AI और फर्जी आईडी का खतरनाक खेल
जांच में सामने आया है कि यह गिरोह पहले सोशल मीडिया पर फर्जी अकाउंट बनाता था। विश्वास जीतने के लिए ये लोग अपनी प्रोफाइल पर बड़े पुलिस अधिकारियों की फोटो लगाते थे। इसके बाद, एआई (AI) तकनीक का सहारा लेकर पीड़ितों के अश्लील वीडियो तैयार किए जाते थे। इन्हीं वीडियो के आधार पर गिरोह लोगों को कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर मोटी रकम वसूलता था।

ब्लैकमेलिंग से तंग आकर शख्स ने दी थी जान
इस गिरोह की दरिंदगी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इनके द्वारा लगातार ब्लैकमेल किए जाने से परेशान होकर रॉबर्ट्सगंज के एक व्यक्ति ने आत्मघाती कदम उठाते हुए आत्महत्या कर ली थी। मृतक के परिजनों की शिकायत पर रॉबर्ट्सगंज कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया था, जिसके बाद पुलिस इस गिरोह की तलाश में जुटी थी।

राजस्थान में छापेमारी कर दबोचा गया गिरोह
सोनभद्र पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और सर्विलांस की मदद से गिरोह की लोकेशन ट्रैक की। रॉबर्ट्सगंज पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने राजस्थान के भिवाड़ी में छापेमारी कर इन 5 ठगों को धर दबोचा। इनके पास से ब्लैकमेलिंग में इस्तेमाल किए जाने वाले मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद हुए हैं।

पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों और इनके द्वारा ठगे गए अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है।

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