चेन्नई: तमिलनाडु की राजनीति में आज का दिन एक ऐतिहासिक मोड़ लेकर आया है। तमाम सियासी उठापटक और कयासों पर विराम लगाते हुए विजय सरकार ने विधानसभा में अपना बहुमत साबित कर दिया है। मुख्यमंत्री विजय ने न केवल फ्लोर टेस्ट पास किया, बल्कि उम्मीद से कहीं ज्यादा समर्थन हासिल कर अपनी स्थिति को बेहद मजबूत कर लिया है।

बहुमत का आंकड़ा और वोटिंग का गणित
तमिलनाडु विधानसभा में हुए इस शक्ति प्रदर्शन में विजय सरकार के पक्ष में कुल 144 वोट पड़े, जबकि जीत के लिए जादूई आंकड़ा महज 118 था। इसके विपरीत, सरकार के विरोध में केवल 22 वोट ही पड़े। मतदान के दौरान 5 विधायक सदन से अनुपस्थित रहे। बहुमत के इस बड़े अंतर ने यह साफ कर दिया है कि फिलहाल राज्य की सत्ता पर विजय की पकड़ काफी मजबूत है।

अन्ना द्रमुक में बड़ी सेंधमारी
इस फ्लोर टेस्ट की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली बात विपक्षी दल अन्ना द्रमुक (AIADMK) में हुई बड़ी टूट रही। अन्ना द्रमुक के 24 विधायकों ने पार्टी लाइन से हटकर विजय सरकार के समर्थन में वोट दिया। इसे पार्टी में ‘वर्टिकल डिवीजन’ के तौर पर देखा जा रहा है। विपक्ष के लिए यह एक बड़ा झटका है, क्योंकि उनके अपने ही विधायकों ने सरकार को मजबूती प्रदान की है।

राजनीतिक मायने
इस जीत के बाद चेन्नई के सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस परिणाम से विजय न केवल एक मुख्यमंत्री के तौर पर उभरे हैं, बल्कि उन्होंने खुद को तमिलनाडु का एक शक्तिशाली नेता भी साबित कर दिया है। सभी राजनीतिक बाधाओं को पार करने के बाद अब सरकार बिना किसी बाहरी दबाव के अपने एजेंडे पर काम कर सकेगी। विजय की इस जीत ने तमिलनाडु की भविष्य की राजनीति की दिशा तय कर दी है।

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