उत्तर प्रदेश के हाई-टेक शहर नोएडा में शनिवार की शाम एक ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसने मशहूर साइंस-फिक्शन फिल्म ‘रोबोट’ की यादें ताजा कर दीं। फिल्म में जिस तरह आधुनिक रोबोट आग की भीषण लपटों के बीच घुसकर लोगों की जान बचाता है, ठीक उसी तर्ज पर नोएडा के सेक्टर-59 में फायर ब्रिगेड के एक आधुनिक फायर फाइटिंग रोबोट ने जलती हुई इमारत के भीतर प्रवेश कर चमत्कार कर दिखाया। इस रोबोटिक तकनीक और थर्मल कैमरों की जुगलबंदी ने एक बड़े हादसे को महज चंद घंटों में टाल दिया, जिसे काबू करने में शुरुआती अनुमान के मुताबिक कम से कम दो दिन का समय लग सकता था।

यह पूरा मामला नोएडा सेक्टर-59 स्थित ‘स्पार्क मिंडा’ कंपनी का है। शनिवार शाम करीब सवा चार बजे कंपनी की इमारत में लगे एयर कंडीशनर (AC) में अचानक एक जोरदार ब्लास्ट हुआ। यह धमाका इतना जबरदस्त था कि इससे निकली चिंगारियों ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। कंपनी के भीतर भारी मात्रा में थिनर, प्लास्टिक के तार और अन्य अत्यधिक ज्वलनशील पदार्थ रखे हुए थे, जिसके कारण आग ने कुछ ही मिनटों में पूरी बहुमंजिला इमारत को अपनी आगोश में ले लिया। आसमान में काले धुएं का ऐसा गुबार उठा जिसे कई किलोमीटर दूर से साफ देखा जा सकता था।

जिस वक्त यह हादसा हुआ, उस समय कंपनी के भीतर लगभग 600 कर्मचारी काम कर रहे थे। आग की लपटें और सायरन की आवाज सुनते ही परिसर में अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। हालांकि, मुस्तैदी के चलते समय रहते सभी 600 कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इस भगदड़ और घबराहट के बीच धुएं के कारण 5 से 6 कर्मचारी बेहोश हो गए, जिन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी स्थिति अब पूरी तरह सामान्य है।

मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) प्रदीप कुमार चौबे ने बताया कि शाम 4:15 बजे आग की सूचना मिलते ही विभाग एक्शन में आ गया। शुरुआत में आग की भयावहता को देखकर दमकल अधिकारियों का अनुमान था कि इस पर पूरी तरह काबू पाने में दो दिन लग जाएंगे। लेकिन इस बार इंसानी हौसलों के साथ मैदान में उतरा हाई-टेक फायर फाइटिंग रोबोट। इस रोबोट ने सीधे आग के उस केंद्र में प्रवेश किया जहां किसी इंसान का जाना बेहद खतरनाक था। रोबोट ने वहां पहुंचकर हाई-प्रेशर पानी की बौछारों से सीधे लपटों पर प्रहार करना शुरू किया।

इस रोबोट में लगे अत्याधुनिक कैमरे आग की स्थिति का पल-पल का लाइव वीडियो बाहर खड़े दमकलकर्मियों को भेज रहे थे, जिससे दमकलकर्मियों को पता चलता रहा कि आग किस दिशा में फैल रही है। इसके साथ ही, थर्मल इमेजिंग कैमरों का उपयोग किया गया, जो आसपास की इमारतों का तापमान लगातार मॉनिटर कर रहे थे ताकि खतरे का समय रहते आकलन किया जा सके। आधुनिक तकनीक और दमकलकर्मियों की जांबाजी का नतीजा यह रहा कि यह ऑपरेशन महज 6 घंटे के भीतर सफलतापूर्वक समाप्त हो गया। नोएडा की इस घटना ने साबित कर दिया है कि अब आग से लड़ाई में तकनीक सबसे बड़ी साथी बन चुकी है।

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